देशभर में मैगी पर लग सकता है बैन!

देशभर में मैगी पर लग सकता है बैन! नई दिल्ली: विशेषकर बच्चों व किशोरों में लोकप्रिय 2 मिनट में झट से पकने वाली मैगी नूडल के दीवानों को झटका लग सकता है। लगभग हर घर में बननेवाली मैगी पर देशभर में बैन लग सकता है।

एफएसएसएआई ने देशभर में मैगी के सैंपल्स की जांच के आदेश दिए है। एफएसएसएआई ने यह कार्रवाई यूपी खाद्य विभाग की रिपोर्ट के बाद की है।

उल्लेखनीय है कि नमूना परीक्षण में मैगी के नमूनों में सीसा व खाद्य उत्पादों में मिलाये जाने वाले कुछ अन्य रासायनिक योगिक निर्धारित मात्रा से कहीं अधिक पाए जाने पर यूपी एफडीए ने नेस्ले इंडिया से पिछले महीने फरवरी 2014 में बने मैगी पैक बाजार से वापस लेने को कहा था।

इस बैच की मैगी में मोनोसोडियम ग्लूटोमेट (एमएसजी) तथा सीसे की मात्रा निर्धारित मात्रा से अधिक पायी गयी थी।

रिपोर्ट में मैगी के इन पैकेटों में लेड की मात्रा 17.2 पार्ट्स प्रति मिलियन (पीपीएम) पाई गई, यह तय सीमा से लगभग सात गुना ज्‍यादा है।

रिपोर्ट के मुताबिक मैगी नूडल्‍स में लेड और मोनोसोडियम ग्‍लूटामैट (एमएसजी) की मात्रा खतरनाक स्‍तर पर पाई गई। लेड की स्‍वीकार्य योग्‍य सीमा 0.01 पीपीएम से 2.5 पीपीएम के बीच है।

इसपर कंपनी ने सफाई दी थी कि मैगी में सीसा की मात्रा नगण्य है और निर्धारित 1 फीसदी से भी कम है। मैगी में इस रसायन की मौजूदगी सेहत के लिए बेहद खतरनाक है।

एफडीए ने इस बाबत जानकारी वाली एक चिट्ठी लिख एफएसएसएआई को दी थी। जिसके बाद एफएसएसएआई के कदम का इंतजार किया जा रहा था।

विशेषकर बच्चों व किशोरों में लोकप्रिय यह खाद्य उत्पाद प्रमुख एफएमसीजी कंपनी नेस्ले बनाती है।
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