Monday, 23 September 2019  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 

यों ही नहीं बनता भाजपा जैसा संगठन

यों ही नहीं बनता भाजपा जैसा संगठन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा पार्टी को 10 करोड सदस्य का लक्ष्य 18 अप्रैल की रात्रि 12 बजे तक पूरा हो गया।  भाजपा 10 करोड़ की सदस्य संख्या के साथ अब दुनिया की सबसे बडी सख्या वाला राजनैतिक संगठन बन गया हैं।

वस्तुतः भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का संगठन को सशक्त व समृद्ध बनाने का नूतन प्रयोग है जो गतिशील  संगठन के कुशल नेतृत्व क्षमता व दृढ इच्छा शक्ति के साथ अनुशासित व उत्साही कार्यकर्ताओं के सतत प्रयास का प्रतिफल है, जिसने असम्भव को सम्भव कर दिखाया और वर्तमान विश्व क्षितिज पर भारतीय जनता पार्टी एक उभरते हुए सूर्य के रूप में प्रकाशित होने की तरफ तेजी से अग्रसर है।

भारतीय जनता पार्टी सांसकृतिक अवधारणा पर आधारित उदात्त बिचार धारा एक राजनैतिक संगठन है, जो समाज के समग्र सोच पर आधारित है, भारतीय जनता पार्टी की राजनीति को मूल मकसद विकसित भारत के साथ-साथ मूल्य आधारित स्वस्थ्य समाज की संरचना है जो पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानवाद के दर्शन पर आधारित है और अन्त्योदय जिसका मूल लक्ष्य है। भारत में एकात्म मानववाद साकार हो यह उद्देश्य तभी पूरा हो सकता है जब संगठन गांव-गांव गली-गली, तक आम से लेकर खास तक सभी लोगो के बीच बराबर की पहुॅच और महत्व के साथ सबको स्पर्श करता हों।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कुशल मार्ग दर्शन में जहां पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डाॅ. दिनेश शर्मा के साथ पांच लोगो की टीम ने अनथक प्रत्यन कर लक्ष्य प्राप्त करने में महती भूमिका निभाई वहीं उत्तर प्रदेश जैसे सबसे बडे प्रदेश में इस लक्ष्य को हासिल करने में सबसे अहम भूमिका प्रदेश प्रभारी ओम जी माथुर राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री शिव प्रकाश जी तथा प्रदेश अध्यक्ष डाॅ. लक्ष्मीकान्त बाजपेयी ने कार्यकर्ताओं को सतत् मार्ग दर्शन किया वहीं प्रदेश के महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल जी व सदस्यता प्रमुख स्वतंत्र देव सिंह तथा उनकी टीम का गतिशील संचालन स्वयं सुनील बंसल जी व स्वतंत्र देव सिंह द्वारा किए गये प्रदेश के सघन प्रवास ने इस लक्ष्य को हासिल करने बडी भूमिका निभाई। इसमें प्रमुख रूप से जेपी राठौर गौतम चौधरी, हर्षवर्धन सिंह रविन्द्र उपाध्याय, राकेश त्रिपाठी, डाॅ. मुकल सिंह, तरूण कान्त त्रिपाठी, सच्चिदान्द राय, अशोक द्विवेदी के अथक परिश्रम ने प्रदेश की सदस्यता को दो करोड़ के आस पास तक पहुँचाने का काम किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल भारत को साकार करने के लिए सूचना तकनीकी से गांव -गरीब को जोड़ने के इस प्रयास में प्रदेश के बडे नेताओं से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं की एक बडी फौज निरन्तर जिस स्पीड और समपर्ण से कार्य करती रही उसे ऊर्जा देने का कार्य निरन्तर सुनील बंसल जी ने किया।

व्यक्तिगत सदस्यता, सक्रिय सदस्यता, बूथ सदस्यता, प्रवासी कार्यकर्ताओं मोर्चो व प्रकोष्ठो की सदस्यता अलग-अलग कई स्तर कार्यकर्ताओं ने अनथक प्रयास किया । स्वतंत्रदेव सिंह जी की प्रेरणा से व्यक्तिगत सदस्यता 3000 से अधिक करने वाले दो कार्यकर्ताओं सौरभ और उत्कर्ष ने बताया कि सिटी बसो में नित्य यात्रा कर लोगो को जहां सदस्य बनने के लिए प्रेरित किया वहीं बस स्टेशन पर जाकर भाजपा की बिचार धारा से लोगो को जोड़ने तथा सदस्य बनाने का क्रम 3 माह निरंतर प्रातः 7 बजे से प्रारम्भ कर रात्रि 9 बजे तक किए गए परिश्रम से 3000 की सदस्यता खडी किए तो वही चरखारी के सूपा गांव निवासी पुष्पेन्द्र यादव ने पिता की बीमारी के बावजूद पूर्णत तन्मयता से 1200 व्यक्तिगत सदस्य तथा 2000 सदस्यता विस्तारक के रूप में बनाई.

ऐसा ही एक उदाहरण गोरखपुर से जटाशंकर मिश्रा का है, जिन्होंने अपनी टीम के साथ साथ गोरखपुर लखनऊ तथा लखनऊ से गोरखपुर इण्टर सिटी तथा गोरखपुर से वाराणसी तथा वाराणसी से गोरखपुर की ट्रेन में यात्रियों को सदस्य बनाने के लिए प्रेरित कर बडी बडी संख्या में लोगो को पार्टी का सदस्य बनाया। यह तो महज चंद उदाहरण हैं. प्रदेश सदस्यता पर इस तरह के हजारों कार्यकर्ताओं की लगन का परिणाम इस विशाल संगठन की संरचना है। उत्तर प्रदेश में एक बडी टीम डिजिटल सदस्यता को साकार बनाने के लिए दिन-रात प्रयत्न किया।

डिजिटल सदस्यता से भाजपा संगठन ने अपनी व्यापकता को जन-जन तक पहुॅचाने का काम किया है वही यह सगंठन को और अधिक गतिशील बनाने तथा पार्टी दायित्व निभा रहे लोगो और अपने जनप्र्रतिनिधियों की जबाबदेही सुनिश्चित करने में बडी भूमिका अभिनीत करेगा। डिजिटल सदस्यता लोगो को पार्टी की रीतियों नीतियों तथा कार्यक्रमों पर आम लोगो मेंसहज जागरूकता व सहज संवाद कायम करेगी। सरकार के विकास कार्यों को जन-जन तक पहॅुचाएगी। वही विश्व स्तर पर भारतीय जनता पार्टी की उदात्त और मानवता के विकास की पोषक विचार धारा को और समृद्ध करने की दिशा  में यह महत्त्वपूर्ण योगदान करेगी।

# लेखक राजनीतिक विचारक और भाजपा के प्रांतीय प्रवक्ता हैं.
अन्य राजनीतिक दल लेख
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack