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थ्री डी से मुक्त हो भारतः 'न्यू इंडिया इनिशिएटिव' की एक पहल

थ्री डी से मुक्त हो भारतः 'न्यू इंडिया इनिशिएटिव' की एक पहल नई दिल्ली: 'Let’s be together to free India of 3D’s Diabetes, Drugs and Doctors' इस पहल की शुरुआत कर चुके मेमोरी गुरू डॉ विश्वरूप रॉयचौधरी और 'स्वच्छ भारत' संगठन ने अपने 'न्यू इंडिया इनिशिएटिव' के तहत 15 मार्च, 2015 को फरीदाबाद में एक जागरूकता कैंप लगाया.

इस कैंप में डॉ रॉय ने डायबिटीज के मरीजों को बताया कि डायबिटीज कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक मानसिक समस्या है. कई बार आप डॉक्टरों के कहने पर यह सोचने लगते हैं कि आप डायबिटीज नामक बीमारी के शिकार हैं. जबकि सच तो यह है कि जब यह बीमारी है ही नहीं, तो दवाओं से इसके ठीक होने की उम्मीद पालना भी बेमानी है.

इस कैंप में डायबिटीज के मरीजों के साथ-साथ उनके रिश्तेदारों को भी जागरूक किया गया. इन सभी को यह भी बताया गया कि  केवल 72 घंटों में कैसे आप अपने खुद को इस बीमारी की गिरफ्त से छुड़ा सकते हैं और सेहतमंद बन सकते हैं.

इस जानकारी से डायबिटीज की गिरफ्त में फंसे लोग कैसे एक- दूसरे की मदद भी कर सकते हैं, इसकी सीख भी दी गई, साथ ही यह भी बताया गया कि वे अपने खान-पान में क्या बदलाव करें कि अपना देश '3D' से फ्री हो सके. '3D फ्री इंडिया' नामक इस पहल से कोई भी डॉ विश्वरूप रॉय चौधरी और 'न्यू इंडिया इनिशिएटिव' के साथ मिलकर जुड़ सकता है.

याद रहे कि 8 फरवरी, 2015 को फरीदाबाद में हुए डायबिटीज ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने वालों लोगों को 15 फरवरी को एक टेस्ट भेजा गया था, जिसका जवाब 28 फरवरी तक ई-मेल से मंगा लिया गया था. जिन लोगों ने इस टेस्ट में 60 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे, उन्हें ही 15 मार्च, 2015 को फरीदाबाद में हुए कनवोकेशन यानी सर्टिफिकेट वितरण समारोह में प्रमाण-पत्र  दिया गया.

स्वच्छ भारत के 'न्यू इंडिया इनिशिएटिव' और मेमोरी गुरू डॉ विश्वरूप रॉय चौधरी का मकसद है देश को बदलाव व तरक्की की राह पर ले जाना. पर हमारा मानना है कि पॉजिटिव बदलाव की दिशा में पहला कदम हमारा हो ताकि राह चलते-चलते हम खुद के साथ-साथ औरों को भी जोड़ सके. समाज को बदलने से पहले खुद को बदलें, खुद में बदलाव की पहल कर हम एक नए सोच और नजरिए के साथ 'न्यू इंडिया' बनाएं, एक ऐसा इंडिया, जो हमसे और आपसे मिलकर बना हो.

स्वच्छ भारत के 'न्यू इंडिया इनिशिएटिव' और मेमोरी गुरू डॉ विश्वरूप रॉय चौधरी की इस पहल में साथ देने के लिए देश-विदेश से आए लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया. इंडो-वियतनाम मेडिकल बोर्ड, स्टडी प्लानेट और आपकी पसंदीदा मासिक पत्रिका ‘न्यू इंडिया’ भी इस अभियान में लोगों को जागरूक करने में जुटी रही.

कार्यक्रम के बाद 'न्यू इंडिया' पत्रिका के स्टाल पर लोगों ने खूब रूचि दिखाई, साथ ही समाज में बदलाव लाने की दिशा में पिछले चार साल से काम कर रहे गैर सरकारी संगठन 'स्वच्छ भारत' और 'न्यू इंडिया इनिशिएटिव' के बारे में भी तमाम लोग जानकारी हासिल करते देखे गए.
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