Sunday, 24 October 2021  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 

आखिर क्यों आती है किसी को देखकर उबासी!

जनता जनार्दन डेस्क , Mar 22, 2015, 12:58 pm IST
Keywords: Person   Yanking   Society   Looking bored   Yawning period   व्यक्ति   उबासी   समाज   देखकर उबासी   उबासी लेने की समयावधि  
फ़ॉन्ट साइज :
आखिर क्यों आती है किसी को  देखकर उबासी! नई दिल्ली: क्या आपने कभी सोचा है कि किसी व्यक्ति को उबासी लेता देखकर आपको भी उबासी क्यों आने लगती है। उबासी लेने की समयावधि क्या होती है या फिर मनुष्य किस उम्र से उबासी लेना शुरू कर देता है।

अमूमन, उबासी एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है लेकिन इससे जु़डी कई छोटी-ब़डी बातों पर हम ध्यान नहीं देते हैं। हालांकि डॉक्टर उबासी को संक्रामक नहीं मानते हैं लेकिन यह काफी हद तक इसी तरह ब़डी तेजी से एक व्यक्ति से दूसरे व दूसरे से तीसरे व्यक्ति में फैलती है। उबासी को लेकर हमारे समाज में अनेक भ्रांतियां हैं।

मसलन, इसे नींद आने या बोरियत से जो़डकर देखा जाता है। जबकि प्रिंसटन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध में पता चला है कि उबासी नींद आने या बोरियत का संकेत नहीं है बल्कि यह दिमाग के तापमान को नियंत्रण में रखती है। हमारे शरीर की संरचना और कार्यविधि इस प्रकार से व्यवस्थित है कि नहीं चाहते हुए भी उबासी की स्थिति में एकाएक मुंह खुल जाता है।

इससे दिमाग को ठंडक तो मिलती ही है साथ में चेहरे की मांसपेशियों में भी खिंचाव होता है। अमेरिकन अकादमी ऑफ स्लीप मेडिसिन में प्रकाशित शोध के मुताबिक उबासी से शरीर में ऑक्सीजन की कमी की भरपाई भी होती है।

दरअसल, जब फेफ़डों को पंप करने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिलती तो वह मुंह से उबासी के जरिए ऑक्सीजन की भरपाई करता है। मस्तिष्क अपने वॉल्स को ठंडा रखने के लिए उबासी लेता है। वर्ष 2004 में किए गए एक अध्ययन में यह बात निकल कर सामने आई थी कि 50 प्रतिशत लोग सामने वाले को देखकर उबासी लेते हैं।

2012 में किए गए शोध के मुताबिक आनुवंशिक और भावनात्मक रूप से जु़डे लोगों को उबासी लेते देखकर अधिक उबासी आती है। यह तो स्पष्ट है कि मनुष्यों के साथ जीव-जंतु सहित कई अन्य प्रजातियां भी उबासी लेती है। लेकिन क्या आपको पता है कि एक भ्रूण मां के गर्भ में 11वें हफ्ते से ही उबासी लेना शुरू कर देता है। आमतौर पर उबासी की समयावधि छह सेंकड की होती है।

लेकिन यह कभी कभार इससे थो़डी अधिक भी हो जाती है। मनुष्य अपने जीवनकाल में औसतन 240,000 बार उबासी लेता है। अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के शोधार्थियों ने अध्ययन में पता लगाया है कि मनुष्य में अत्यधिक उबासी भी काफी कुछ बयां करती है।

मसलन, यदि आपको थो़डी-थो़डी देर में उबासी आ रही है तो यह अनिद्रा की निशानी है, जिससे आगे चलकर कई तरह की बीमारियां हो जाती है। उबासी को रोकने पर भी शरीर पर इसका दुष्प्रभाव प़डता है। इसलिए चिकित्सक भी कहते हैं कि उबासी आने पर इसे रोकना नहीं चाहिए।
वोट दें

क्या आप कोरोना संकट में केंद्र व राज्य सरकारों की कोशिशों से संतुष्ट हैं?

हां
नहीं
बताना मुश्किल