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अर्जेटीना और जर्मनी में होगी खिताबी जंग

अर्जेटीना और जर्मनी में होगी खिताबी जंग साओ पाउलो: फीफा विश्व कप के दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेटीना और नीदरलैंड्स के बीच खेले गए 120 मिनट के गोलरहित खेल के बाद आखिरकार पेनाल्टी शूटआउट में मैच का नतीजा आया। अर्जेटीना यह मैच पेनाल्टी शूटाआउट में 4-2 से जीतने में कामयाब रहा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार अर्जेटीना के 27 वर्षीय गोलकीपर सजिर्यो रोमेरो ने पेनाल्टी शूटआउट में नीदरलैंड्स के रॉन व्लार और वेस्ले स्नीडर का पहला और तीसरा शॉट बचाकर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित की।

दिलचस्प बात यह रही की नीदरलैंड्स के कोच लुइस वान गाल ने इस मैच में गोलकीपर को बदलने की रणनीति नहीं अपनाई। कोस्टारिका के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले के आखिरी मिनट में गोलकीपर जैस्पर सिलेसेन की जगह टिम क्रुल को उतार खूब वाहवाही बटोरी थी। उस मैच में पेनाल्टी शूटआउट के दौरान क्रुल ने दो गोल बचाए थे जिसकी बदौलत डच टीम जीत हासिल करने में कामयाब रही थी।

अर्जेटीना के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में वान गाल ने तीसरा आखिरी बदलाव खेल के अतिरिक्त समय में किया। खेल के 96वें मिनट में कप्तान रोबिन वैन पर्सी की जगह क्लास जैन हुंटेलार को मैदान में भेजा गया जबकि क्रुल पूरे मैच के दौरान बाहर ही रहे। इससे पहले वैन पर्सी को टीम के शुरुआती 11 खिलाड़ियों के साथ उतारा गया। पहले यह खबर आई थी की पेट की समस्या से जूझ रहे पर्सी इस महत्वपूर्ण मुकाबले से बाहर रह सकते हैं। वहीं निजेल डे जोंग को भी टीम में शामिल किया गया। अंतिम-16 में मेक्सिको के खिलाफ मुकाबले में जोंग चोटिल हो गए थे और ऐसी संभावना थी कि वह विश्व कप से भी बाहर हो सकते हैं।

वहीं अर्जेटीना के कोच एलेजेंड्रो सबेला ने स्ट्राइकर सजिर्यो अग्वेरो को बाहर रखने का फैसला किया और उनकी जगह एजीक्वील लावेजी को शामिल किया। साथ ही चोटिल एंजेल डी मारिया की जगह एंजो पेरेज को मौका मिला। अर्जेटीना की ओर से कप्तान लियोनेल मेसी, एजीक्वील गेरे, सजिर्यो अग्वेरो और मैक्सी रॉड्रिगेज ने पेनाल्टी शूटआउट में लगातार चार लगातार गोल दागे। इससे पहले दोनों ही टीमों ने बेहद रक्षात्मक खेल दिखाया और गेंद ज्यादातर बीच मैदान पर घूमती नजर आई।

अर्जेटीना के लियोनेल मेसी, नीदरलैंड्स के अज्रेन रोबेन और रोबिन वैन पर्सी पर सभी की निगाहें थी। लेकिन तीनों ही खिलाड़ी मैदान पर कुछ खास करने में नाकाम रहे। मेसी को लेकर नीदरलैंड्स की खास रणनीति मैदान पर साफ नजर आई। उनके आसपास हमेशा दो-तीन डच खिलाड़ी मौजूद रहे। मैच का पहला हाफ बेहद शांत रहा। दूसरे हाफ में हालांकि दोनों टीम की ओर से थोड़ी बहुत गोल करने की कोशिश दिखी लेकिन वह काफी नहीं थी।

कई बार स्टेडियम में मौजूद दर्शकों ने भी हूटिंग कर दोनों टीमों के धीमे खेल पर अपनी नाराजगी जताई। ब्राजील और नीदरलैंड्स अब तीसरे स्थान के लिए शनिवार को एक-दूसरे के खिलाफ राजधानी ब्रासीलिया में खेलेंगे। वहीं फाइनल में रविवार को अर्जेटीना और जर्मनी एक-दूसरे से भिड़ेंगे। फाइनल मुकाबला रियो डी जनेरियो के माराकाना स्टेडियम में खेला जाएगा।
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