इस तरह से लोगों को लूट रही थी स्पीक एशिया नाम की...

जनता जनार्दन संवाददाता , May 28, 2011, 12:54 pm IST
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इस तरह से लोगों को लूट रही थी स्पीक एशिया नाम की... नई दिल्ली: लिफाफ़ा अच्छा हो, तो ज़रूरी नहीं कि अंदर का मजमून भी उम्दा होगा. स्पीक एशिया नामक कंपनी ने यही किया. हर्षद मेहता ने तो सिस्टम को चुना लगाया था, जिसमें लोग लुटे, पर यहां तो लोग आते गये, खुद पैसे लुटाते गये और अब कंपनी के मालिकों को ढ़ूंढ रहे. पर इससे होगा क्या? और क्यों हुआ ऐसा? स्पीक एशिया ने कैसे लूटा लोगों को, फेस एन फैक्ट्स यहां बता रहा.

स्पीक एशिया 11 हजार रुपए में एक आईडी देती है और एक व्यक्ति 7 से 21 आईडी तक ले सकता है। हालांकि यह व्यक्ति की ईमानदारी पर ही निर्भर है क्योंकि लोगों ने 100 आईडी तक ले रखे हैं। इन लोगों को सप्ताह में दो सर्वे आते हैं, जिनमें प्रत्येक के लिए 10 डॉलर मिलते हैं।

अब कंपनी यह बताने के लिए तैयार नहीं है कि उसे इतना भारी भुगतान कर सर्वे करवाने वाली कंपनियां कौन सी हैं और उनके साथ किए गए करार क्या हैं। फिर कंपनी एक ही व्यक्ति को एक से अधिक आईडी दे रही है, तो सर्वे की प्रमाणकिता क्या रह जाती है।

कंपनी ने बाद में कहा था कि आईसीआईसीआई, बाटा, एयरटेल, नेस्ले उसके ग्राहक हैं, यह तथ्य झूठ पाए गए. कंपनी ने भारत में तीन ऑफिस खुलने की बात कही, पर अभी तक एक भी ऑफिस नहीं. कंपनी ने कई रिटेल कंपनियों के पार्टनर बनने की बात कही, पर हकीकत में ऐसा कुछ नहीं. इसी तरह कंपनी के सिंगापुर में कारोबार करने की बात भी तथ्यों से मेल नहीं खाई.

इस बीच कंपनी के एक प्रवक्ता का कहना है कि हमारा मुख्य काम तो स्पीक एशिया पत्रिका का प्रकाशन है। कंपनी प्रिंट एंड इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क समूह का हिस्सा होने का दावा करती है, जिसका नाम इससे पहले भारत में सुना ही नहीं गया। कंपनी की वेबसाइट पर भी यही दावा किया गया है।

स्पीक एशिया का दावा है कि यह पहली ऐसी पत्रिका है, जिसने ऑन लाइन मार्केटिंग के कायाकल्प की पूरी इत्मीनान से समीक्षा की है। अब स्पीक एशिया ऑनलाइन के पदार्पण से दावा किया जा सकता है कि सर्वे व नेटवर्किग के मिश्रण से यह कंपनी लोगों को कमाई का बेहतरीन विकल्प उपलब्ध करवा रही है।

स्पीक एशिया की प्रेसिडेंट हरिंदर कौर पंजाब के जालंधर की रहने वाली है और बीते कई दशक से सिंगापुर में ही रहती है। स्पीक एशिया भारत से भी पहले बंगलादेश में अपना काफी विस्तार कर चुकी है, लेकिन अब वहां पर भी कंपनी की कार्यप्रणाली की जांच हो रही है।
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