Tuesday, 21 January 2020  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 

बचपन, सेक्स और सेक्सटिंग

जनता जनार्दन संवाददाता , Mar 21, 2011, 17:48 pm IST
Keywords: बचपन पर सेक्स भारी   सेक्स   स्कूल   बच्चे   Sex  
फ़ॉन्ट साइज :
बचपन, सेक्स और सेक्सटिंग

नई दिल्ली: शहरों में रहने वाले स्कूली बच्चे अपने जीवन में किसी तरह की दखलंदाजी नहीं चाहते हैं। आज की टीनएजर पीढ़ी ने अपनी बातचीत के लिए कोडवर्ड्स का ऐसा संसार रच लिया है कि उनके पास बैठे मां-बाप को खबर तक नहीं लगती कि आखिर फोन पर उनका नादान बेटा या बेटी किससे बातें कर रहे हैं और क्या बातें कर रहे हैं। मां-बाप को इस बात की भनक तक नहीं लगती कि दूसरे कमरे में बैठा उनका लाडला लैपटॉप पर पोर्न साइट्स देख रहा है।

इन्होंने अपनी बातचीत में कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है जिसे पहली बार सुनकर उसका मतलब निकाल पाना मुश्किल है। इनकी बातचीत में फर्स्ट बेस का मतलब है किसिंग, सेकंड और थर्ड बेस का मतलब है किसिंग और टचिंग और होम रन का मतलब है सेक्स। कुछ और शब्दों पर गौर कीजिए- UMFRIEND का मतलब है Boyfriend, ITILU माने I Think I Love You

अगर कोई लड़का या लड़की चैट या एसएमएस के दौरान एट द रेट ऑफ का ये साइन तीन बार बनाकर भेजता है तो इसका मतलब है कि उसके मां-बाप उसके आसपास ही हैं। 8 का मतलब है Oral Sex, SEXTING यानी Sexual Text Message और C-P मतलब Sleepy। ये वो शब्द हैं जो आज ब्लैकबेरी लेकर घूमने वाले टीन एजर छात्र-छात्राओं के बीच आम बातचीत या चैटिंग का हिस्सा बन चुके हैं।

मेट्रो शहरों के जिन स्कूली छात्र-छात्राओं की हम बात कर रहे हैं उनके पास हर वो सुविधा मौजूद है, जो कुछ साल पहले तक आसानी से मुहैया नहीं हो पाती थीं। मां-बाप ने बच्चों के लिए सुविधाएं तो जुटा दीं लेकिन बच्चों पर नजर रखना भूल गए। नतीजतन किसी रचनात्मक दिशा में बढ़ने के बजाय ये टीन एजर्स गलत काम में उलझ गए हैं।

एक वीकली मैगजीन में छपे सर्वे के मुताबिक इस तरह का लाइफ स्टाइल जीने वाले टीनएजर्स बड़ी तेजी से नशे के आदी होते जा रहे हैं। 45 फीसदी टीनएजर्स महीने में 5 बार एल्कोहल लेते हैं, 14 फीसदी टीनएजर्स तम्बाकू का इस्तेमाल करते हैं। हर पांच में से एक टीनएजर ने 13 साल की उम्र तक एडल्ट मूवी देख ली थी। पांच में से एक टीन एजर ने कबूल किया कि उसने सेक्स का अनुभव कर लिया है, 90 फीसदी टीन एजर शादी से पहले सेक्स को गलत नहीं मानते और 45 फीसदी लड़कियां एबॉर्शन यानी गर्भपात करा चुकी हैं।

2004 में दिल्ली के एक स्कूली छात्र-छात्रा का एमएमएस सार्वजनिक होने के बाद काफी बवाल मचा था लेकिन आज के दौर में कई लड़के-लड़कियों को अपनी बेहद निजी तस्वीरें या वीडियो नेट के जरिए सबको दिखाने में कोई गुरेज नहीं।

वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल
 
stack