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कांस्टेबल की मौत: खुल रही है दिल्ली पुलिस की पोल

जनता जनार्दन डेस्क , Jan 09, 2013, 11:42 am IST
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कांस्टेबल की मौत: खुल रही है दिल्ली पुलिस की पोल नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस कांस्टेबल सुभाष चंद तोमर की मौत की जांच कर रही क्राइम ब्रांच दो सप्ताह से कर रही है। क्राइम ब्रांच इंडिया गेट पर उस जगह का पता नहीं लगाने में नाकामयाब साबित हुई है जहां पर पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने प्रदर्शनकारियों द्वारा कांस्टेबल पर हमला करने की बात बोली थी।

जबकि प्रदर्शन में शामिल योगेंद्र व पाओलिन नामक युवती ने सुभाष की मौत के अगले ही दिन मीडिया के सामने आकर बताया था कि उन्होंने सुभाष तोमर को खुद सड़क पर गिरते देखा था।

उनके बयानों के अनुसार दोनों ने सिपाही को गिरते हुए देखा था। ऐसे में पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह सिपाही पर हमला करने वाले आरोपी की पहचान कैसे करेगी? पुलिस ने तिलक मार्ग पर लगे सीसीटीवी को खंगाला है, उसमें भी तोमर जख्मी हालत में गिरे दिख रहे हैं।

क्राइम ब्रांच को अभी तक सुभाष तोमर का कोई साथी पुलिसकर्मी नहीं मिला है जिसने उन पर हमला होता देखा हो। क्राइम ब्रांच उपायुक्त एसबीएस त्यागी ने कहा कि हम सीसीटीवी फुटेज की छानबीन कर रहे हैं।

सुभाष को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया था। विवाद यही से शुरू हुआ जब पुलिस आयुक्त ने सुभाष के शरीर पर चोट लगने से मौत की बात कही, जबकि राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक टीएस सिद्धू का कहना था कि अस्पताल जाते समय सुभाष के शरीर पर चोट के निशान नहीं थे। उसकी मौत हार्टअटैक से हुई है।

पुलिस के लिए सिद्ध करना भारी पड़ रहा है कि आरोपी उन प्रदर्शनकारियों में शामिल थे, जिन्होंने पुलिस पर हमला किया था। क्राइम ब्रांच उपायुक्त एसबीएस त्यागी के अनुसार इस मामले में मेडिकल बोर्ड का गठन करने के लिए दिल्ली सरकार को लिखा जा चुका है।

डाक्टरों का बोर्ड गठित हाने पर ही क्राइम ब्रांच पूरे मामले को लेकर उठ रहे सवालों को लिखित रूप में उनके समक्ष रखेगी। जिसके आधार पर पता चलेगा कि सिपाही की मौत कैसे हुई? कहीं उपचार आदि में कोई लापरवाही तो नहीं हुई?
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