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सीआरपीएफ ने लिया योग का सहारा

जनता जनार्दन संवाददाता , May 15, 2011, 20:11 pm IST
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सीआरपीएफ ने लिया योग का सहारा नई दिल्ली: तनाव और थकान दूर करने के लिए इन दिनों केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को राजधानी में योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। योग प्रशिक्षक अनूप शुक्ला जवानों को उनकी मानसिक, भावनात्मक तथा मनोवैज्ञानिक समस्याओं के समाधान का तरीका बता रहे हैं, जिनसे वे अक्सर अपनी लम्बी ड्यूटी के दौरान दो-चार होते हैं।

शुक्ला राजधानी में बवाना स्थित सीआरपीएफ के 89वें बटालियन में पिछले दो सप्ताह से जवानों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्होंने अब तक प्रशिक्षण की पांच कक्षाएं ली हैं। उन्होंने कहा, "योग से उन्हें अपनी लम्बी ड्यूटी के बाद अपने को चौकस रखने और अपना ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी।"

सीआपीएफ जवानों में पिछले कुछ वर्षो में आत्महत्या की वारदात काफी बढ़ी है, जिसके बाद जम्मू एवं कश्मीर तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती के दौरान उनके जीवन को आसान बनाने के कई प्रयास किए जा रहे हैं, जहां वे लम्बे समय तक अपने परिवारों से दूर रहते हैं और अक्सर जान का खतरा झेलते हैं।

पिछले साल जारी आंकड़ों के अनुसार, 2007 तक सीआरपीएफ के 143 जवानों ने खुदकुशी कर ली, जो सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 75 जवानों द्वारा की गई आत्महत्या के लगभग दोगुना है।

सीआरपीएफ की एक 2008 की एक रिपोर्ट के अनुसार 2002 से 2007 के बीच 48 जवान संघर्ष में मारे गए। लेकिन हैरानी की बात है कि अकेले 2007 में सीआरपीएफ के 46 जवानों ने खुदकुशी कर ली।

रिपोर्ट में हालांकि इस बात से इंकार किया गया है कि जवान अपनी नौकरी की दबावपूर्ण परिस्थितियों के कारण आत्महत्या कर रहे हैं। इसमें उनके द्वारा की गई आत्महत्या की वजह 'व्यक्तिगत समस्या' बताई गई है।

वहीं, सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा, "आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनाती का जवानों के मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। तनाव नियंत्रित करने के लिए उन्हें नियमित योग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।"

योग प्रशिक्षक शुक्ला भी मानते हैं कि लगातार लड़ाई के अभियान से जुड़े होने के कारण जवनों पर गहरा मनोवैज्ञानिक दबाव पड़ता है, जिससे जवानों का हौसला कमजोर होता है।
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