मलाला को मिल रही मीडिया कवरेज से तालिबान खफा

जनता जनार्दन डेस्क , Oct 14, 2012, 12:18 pm IST
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मलाला को मिल रही मीडिया कवरेज से तालिबान खफा इस्लामाबाद: पाकिस्तान में आतंकी हमले का शिकार हुई 14 वर्षीय मलाला यूसुफजाई को मिल रही मीडिया कवरेज से तालिबान खफा है। तालिबान इसके खिलाफ समूचे देश में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मीडिया को निशाना बना सकता है।

मीडिया के मुताबिक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के सरगना हकीमुल्ला महसूद ने मीडिया समूहों को निशाना बनाने का हुक्म दिया है। इस साजिश का पता लगने के बाद देशभर में मीडिया संस्थानों की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

खबर में  बताया गया कि खुफिया एजेंसियों ने महसूद और उसके साथी नदीम अब्बास की बातचीत को टेप किया था। जिसमें महमूद कराची, लाहौर, रावलपिंडी और इस्लामाबाद स्थित मीडिया समूहों को निशाना बनाने का निर्देश दे रहा था। खासकर उन समूहों और पत्रकारों पर हमला करने को कहा गया था जो हमले के लिए तालिबान की आलोचना में लगे हुए हैं।

मानवाधिकार कार्यकर्ता मलाला यूसुफजई के बारे में मीडिया की कवरेज करने से बौखलाए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान [टीटीपी] ने पाकिस्तानी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों को निशाना बनाने की योजना बनाई है।

मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तानी तालिबान प्रमुख हकीमुल्ला महसूद ने पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में अपने अधीनस्थों के लिए विशेष निर्देश जारी कर मीडिया संगठनों को निशाना बनाने को कहा है।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि खुफिया एजेंसियों ने महसूद और नदीम अब्बास नाम के उसके अधीनस्थ के बीच फोन पर हुई बातचीत का पता लगाया है। इसमें महसूद, अब्बास से मीडिया संगठनों पर हमला करने को कह रहा है।

तालिबान प्रमुख ने कराची, लाहौर, रावलपिंडी, इस्लामाबाद और अन्य शहरों में मीडिया संस्थानों के कार्यालयों पर हमला करने का अब्बास को आदेश दिया है। जो मीडिया संगठन और इससे जुड़े लोग किशोरी मलाला पर हमले के बाद तालिबान की निंदा कर रहे हैं, उन पर ध्यान केंद्रित कर हमला करने को कहा गया है।

मीडिया ने अधिकारियों के हवाले से कहा है कि गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान में मीडिया संगठनों के कार्यालयों के पास सुरक्षा कड़ी करने का आदेश दिया है। अधिकारी ने बताया कि जरूरत पड़ने पर अ‌र्द्धसैनिक बल 'फ्रंटिअर कास्टेब्यूलरी' की भी मदद ली जाएगी।

इस्लामाबाद के चीफ कमिश्नर और चार प्रांतों के मुख्य सचिवों को मीडिया संस्थानों के मालिकों से मिलकर उनकी सुरक्षा चिंताओं के बारे में जानकारी प्राप्त करने को कहा गया है।

मंत्रालय ने उन धार्मिक विद्वानों को भी सतर्क रहने को कहा है जिन्होंने तालिबान की आलोचना की थी। तालिबान के एक प्रवक्ता ने मलाला के पिता जियाउद्दीन यूसुफजई और उसके परिवार के अन्य सदस्यों की हत्या करने की धमकी दी है।
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