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अपनी निगरानी में वोट डलवाएंगी ममता-जया

अपनी निगरानी में वोट डलवाएंगी ममता-जया नई दिल्ली: तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी और अन्नाद्रमुक अध्यक्ष जयललिता ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अपनी पार्टी के नेताओं को एकजुट रखने के लिए एक सामूहिक रणनीति बनाई है। दोनों मुख्यमंत्रियों ने तय किया है कि उनकी पार्टी के सभी सांसद और विधायक उनकी मौजूदगी में कोलकाता और चेन्नई में मतदान करेंगे।

तृणमूल कांग्रेस को संप्रग के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी या विपक्ष के प्रत्याशी पीए संगमा में किसका समर्थन करना है इस बारे में अभी अपना पत्ता खोलना है। ऐसे भी संकेत मिले हैं कि ममता ने यदि प्रणब का समर्थन नहीं करने का निर्णय लिया तो वह मतों के बंटवारे से बचने के लिए मतदान से अलग रहने का विकल्प भी चुन सकती हैं।

तृणमूल के लोकसभा में 19 और राज्यसभा में आठ सदस्य हैं। इन सभी सांसदों ने चुनाव आयोग से दिल्ली के बजाय कोलकाता में मतदान करने की इजाजत मांगी है। इसी तरह अन्नाद्रमुक के लोकसभा के नौ और राज्यसभा के पांच यानी सभी 14 सांसदों ने राष्ट्रपति चुनाव में चेन्नई में मतदान की इजाजत मांगी है।

चुनाव आयोग पहले ही उनका आग्रह मान चुका है और इस बारे में राज्य के संबंधित सहायक निर्वाचन अधिकारी को निर्देश भी जारी कर चुका है। शिव सेना के कुछ सांसदों ने भी अपना मतदान मुंबई में करने की इजाजत मांगी है।

विभिन्न राज्यों के लोकसभा और राज्यसभा के कुल 82 सांसदों और आठ विधायकों ने चुनाव आयोग से पहले से तय स्थान से अलग जगह मतदान की इजाजत मांगी है और आयोग ने उनकी मांग मान ली है।

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