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विदेशी चीयरलीडर भारतीय संस्कृति की दीवानी

विदेशी चीयरलीडर भारतीय संस्कृति की दीवानी नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के पांचवें संस्करण की विदेशी चीयरलीडरों को पैसे से अधिक भारतीय संस्कृति और परंपरा से प्यार हो गया है।

यूक्रेन, रूस, बेल्जियम और नार्वे जैसे देशों से आईपीएल टीमों की हौसलाअफजाई के लिए पहुंचीं ये लड़कियां अपने देश में बैंककर्मी, शिक्षिका और नृत्यांगना के तौर पर काम करती हैं। भारत आने का उनका मुख्य मकसद पैसा कमाना था लेकिन अब वे भारतीय संस्कृति और परंपरा से आकर्षित नजर आ रही हैं।

उदाहरण के तौर पर किंग्स इलेवन पंजाब टीम में कुल 13 चीयरलीडर हैं, जिनमें से 10 विदेशी हैं। दिल्ली डेयरडेविल्स की 16 चीयरलीडरों में से 10 विदेशी हैं और इन सबकी उम्र 19 से 23 साल है।

दिल्ली डेयरडेविल्स की चीयरलीडर यूक्रेन की यूलिया याहोवलेवा ने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय भारत इसलिए आ रहे हैं क्योंकि यहां की खेल संस्कृति बहुसंस्कृतिवाद को बढ़ावा देने के साथ-साथ विविध हो गई हैं।"

"हम यहां पैसा कमाने नहीं आए, हम भारत देखने आए हैं। हम यहां की संस्कृति, परंपरा और नृत्य को देखने आए हैं। हम आईपीएल का लुत्फ उठा रहे हैं क्योंकि इस दौरान हमें यात्रा करने का काफी मौका मिल रहा है।"

ओकसाना बुर्याक, नतालिया साल्टेकोवा, डारयाना कार्थानोवा और यूलिया योकोवलेवा भी अपनी दूसरी साथियों की तरह अपनी-अपनी टीमों का हौसला बढ़ा रही हैं।

ओकसाना आयरलैंड की जिमनास्टिक कोच हैं। वह कहती हैं कि उनका परिवार भारतीय संस्कृति का दीवाना है और यही कारण है कि उनके घर में भारतीय लोगों और यहां के दर्शन की बाते होती रहती हैं। ओकसाना ने कहा कि वह खुद को भारत में पाकर गर्व महसूस करती हैं।

ओकसाना ने कहा, "मेरी मां अभी भी भारतीय फिल्में देखती हैं। वह ऐश्वर्या राय की फैन हैं। मेरा परिवार जब हमें भारत में चीयरलीडर के तौर पर देख रहा होगा तो उन्हें गर्व होता होगा।"

आईपीएल के पांचवें संस्करण में कुल नौ टीमें हिस्सा ले रही हैं और इन सब टीमों की अपनी चीयरलीडर हैं। इन चीयरलीडरों में भारतीय और विदेशी चेहरों का मिश्रण है।
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