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धर्म-अध्यात्म
औघड़ बाबा कीनाराम के गूंज रहल जयकरिया हो भईया, अघोरी दरबार में लागल भारी भीड़ अमिय पाण्डेय ,  Sep 10, 2018
रामगढ़ में संजीवनी देने वाले कुँए पर स्नान करने व पानी पीने वालों की भीड़ लगी रही । ऐसी मान्यता है कि यहां स्नान करने वाला व इस कुएं का पानी पीने वाले रोग मुक्त हो जाते है । बाबा कीनाराम ने अपने हाथ से इस कुएं का निर्माण गोहरे से किया था । इस कुएं में प्रवेश करने के बाद बाबा कीनाराम क्रीं कुंड वाराणसी में निकले थ ....  समाचार पढ़ें
कीनाराम महोत्सव का पहला दिन देश के वरिष्ठ पत्रकार जुटे बाबा के दरबार, बाबा के बारे में जनसमूह को बताया अमिय पाण्डेय ,  Sep 08, 2018
पूरी दुनिया मेअघोर परम्परा के ईष्ट आराध्य प्रणेता अघोराचार्य महाराजश्री बाबा कीनाराम जी का 419 वां तीन दिवसीय जन्मोत्सव समारोह दिनांक 8 सितंबर 2018 को शुरू हुआ। लाखों श्रद्धालुओं, देश दुनिया के बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में शुरू हुए इस समारोह में पहले दिन प्रातः कालीन आरती के पश्चात स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया और तदुपरांत तीन बजे से सांध्यकालीन गोष्ठी में बुद्धिजीवियों ने अपने विचार रखे। ....  समाचार पढ़ें
जानें कौन थे बाबा कीनाराम? जिनके लिए होता है तीन दिवसीय रामगढ़ महोत्सव अमिय पाण्डेय ,  Sep 08, 2018
बाबा किनाराम उत्तर भारतीय संत परंपरा के एक प्रसिद्ध संत थे, जिनकी यश-सुरभि परवर्ती काल में संपूर्ण भारत में फैल गई। वाराणसी के पास चंदौली जिले के ग्राम रामगढ़ में एक कुलीन रघुवंशी क्षत्रिय परिवार में सन् 1601 ई. में इनका जन्म हुआ था। बचपन से ही इनमें आध्यात्मिक संस्कार अत्यंत प्रबल थे। तत्कालीन रीति के अनुसार बारह वर्षों के अल्प आयु में, इनकी घोर अनिच्छा रहते हुए भी, विवाह कर दिया गया किंतु दो तीन वर्षों बाद द्विरागमन की पूर्व संध्या को इन्होंने हठपूर्वक माँ से माँगकर दूध-भात खाया। ध्यातव्य है कि सनातन धर्म में मृतक संस्कार के बाद दूध-भात एक कर्मकांड है । ....  समाचार पढ़ें
जय बाबा कीनाराम: बाबा के भक्त शेयर करें, शुरू हो रहा तीन दिवसीय रामगढ़ बाबा कीनाराम महोत्सव अमिय पाण्डेय ,  Sep 07, 2018
हर वर्ष की भाति इस वर्ष भी बाबा कीनाराम महोत्सव मनाने की तैयारी पूरी हो गयी है. बाबा कीनाराम महोत्सव पिछले तमाम सालों से रामगढ़ गांव में मनाया जाता है, जहां बाबा का जन्म हुआ, जहां बाबा पले बढ़े. बाबा के भक्तों को इस दिन का इंतजार बेसब्री से रहता है. ....  समाचार पढ़ें
आज लगेगा पूर्ण चंद्रग्रहण, भूलकर न करें ये काम जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 31, 2018
आज साल 2018 का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। साल का पहला चंद्र ग्रहण होने की वजह से इसकी महत्ता काफी बढ़ गई है। इस साल के पहले चंद्र ग्रहण को बेहद खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि आज चंद्र ग्रहण के समय पांच ग्रह मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि आकाश मंडल में अस्त रहेंगे। इसका स्पर्श सायंकाल 5 बजकर 18 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण का मध्यकाल शाम 7 बजे और मोक्ष रात्रि 8 बजकर 42 मिनट पर होगा। ....  समाचार पढ़ें
गोवर्धन पूजा 2017: जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि जनता जनार्दन डेस्क ,  Oct 20, 2017
दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पर्व मनाया जाता है। इस पर्व के दिन शाम के समय खास पूजा रखी जाती है। बता दें कि इसी दिन श्रीकृष्ण ने आज ही के दिन इंद्र का मानमर्दन कर गिरिराज की पूजा की थी। इस दिन मंदिरों में ....  समाचार पढ़ें
 दीवाली में अद्भुत संयोग से बरसेगी लक्ष्मी कृपा जनता जनार्दन संवाददाता ,  Oct 19, 2017
दीपावली की शाम देव मंदिरों के साथ ही गृह द्वार, कूप, बावड़ी, गोशाला, इत्यादि में दीपदान करना चाहिए। रात्रि के अंतिम प्रहर में लक्ष्मी की बड़ी बहन दरिद्रा का निस्तारण किया जाता है। व्यापारी वर्ग को इस रात शुभ तथा स्थिर लग्न में अपने प्रतिष्ठान की उन्नति के लिए कुबेर लक्ष्मी का पूजन करना चाहिए। ....  समाचार पढ़ें
 करवा चौथ और 'महत्व' भूलकर भी ना करें ये गलतियां कृष्णा तिवारी ,  Oct 08, 2017
हिंदू पंचाग के अनुसार कार्तिक माह के चौथे दिन होता है। पंरपराओं के अनुसार इस दिन शादीशुदा महिलाएं या जिनकी शादी होने वाली हैं वो अपने पति की लंबी आयु के लिए व्रत करती हैं। ये व्रत सुबह सूरज उगने से पहले से लेकर और रात्रि में चंद्रमा निकलने तक रहता है। ये एकदिवसीय त्योहार अधिकतर उत्तरी भारत के राज्यों में मनाया जाता है। हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, पंजाब, राज्यस्थान ....  समाचार पढ़ें
नित्य मानस चर्चाः धर्म परायन सोइ कुल त्राता, राम चरन जा कर मन राता दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 20, 2017
वही गुणी है, वही ज्ञानी है, वही पृथ्वी का भूषण है, वही पंडित है, वही दानी है, वही धर्म परायण है, वही कुल का रक्षक है, वही नीतिज्ञ है, वही परम बुद्धिमान है, वही वेदज्ञ है, वही कवि है, वही विद्वान है तथा वही रणधीर है जो निश्छल-भाव से श्रीरघुबीर का भजन करता है। वह देश धन्य है, जहाँ श्रीगंगाजी हैं, वह स्त्री धन्य है जो पातिब्रत-धर्म का पालन करती है, वह राजा धन्य है, जो न्याय करता है और वह ब्राह्मण धन्य है, जो अपने धर्म पर अडिग रहता है। ....  समाचार पढ़ें
नित्य मानस चर्चाः जहँ लगि साधन बेद बखानी, सब कर फल हरि भगति भवानी दिनेश्वर मिश्र ,  Sep 19, 2017
श्रीमद्भागवत् में वर्णन आता है कि जब ब्रज में मक्खन चुराते हुए भगवान को एक गोपी पकड़ लेती है, तो भगवान बड़े भोलेपन से कहते हैं--गोपी! क्या यह तुम्हारा घर है? मैं इसे अपना घर समझकर भीतर आ गया था। इसका अर्थ है कि वस्तुतः स्वामी तो एकमात्र ईश्वर ही है, पर जीव ऐसा स्वामी बन बैठा है कि जिसने भगवान को ही चोर की उपाधि दे दी है। वस्तुतः ईश्वर की वस्तु पर हम अपना ही अधिकार मानते हैं। ....  समाचार पढ़ें
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