धर्म-अध्यात्म
बोलों बाबा कीनाराम की जय: जब संतों की थाली से आने लगी मछली और मदिरा की महक अमिय पाण्डेय ,  Nov 29, 2018
कहते हैं भगवान लीलाधारी होते हैं वह आज भी इस धरा पर सन्त महात्माओं के रूप में चमत्कारिक लीलाएं करके धर्म की मौजूदगी का प्रमाण देते रहे हैं।सत, रज और तम तीनों रूप में भगवान अलग-अलग स्वरूपों में भक्त की श्रद्धा को स्वीकार करते हैं। ब्रह्माण्ड में औघड़ स्वरूप में भगवान शिव की पूजा होती है और अघोराचार्य बाबा कीनाराम को उन्ही का स्वरूप माना गया है। 21 वीं सदी में बाबा कीनाराम ने कई चमत्कारि ....  समाचार पढ़ें
जब एसडीएम को आभास हुआ बाबा की आध्यात्मिक ताकत का अमिय पाण्डेय ,  Nov 20, 2018
एस.डी.एम. साहब बड़े रूतबे में आये और बिना जूता उतारे ही नाथ-बाबा के आसन पर जा बैठे। सेवकों और श्रद्धालुओं के समझाने के बाबजूद भी एसडीएम साहब ,मानने को तैयार नहीं हुए और बोले ,”अरे हटो! हम बाबा-माई बहुत देखे हैं।” इसकी जानकारी महाप्रभु को दी गई , पूज्य अघोरेश्वर ने आदेश दिया कि आपलोग पुनः एस.डी.एम.साहब से विनती करें। बार-बार विनती करने के बाबजूद भी जब कोई असर नहीं हुआ तो उनके ढ़िठाई से महाप्रभु रुष्ट हो गए। ....  समाचार पढ़ें
छिन्नमस्तिका मंदिर जहां भय पर हावी है आस्था जनता जनार्दन संवाददाता ,  Oct 14, 2018
मां के इस मंदिर को 'प्रचंडचंडिके' के रूप से भी जाना जाता है। मंदिर के चारों और कल-कल करती दामोदर और भैरवी नदी हैं। मां के इस आशियाने को ठंडक प्रदान करती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस स्थान को मां का अंतिम विश्राम स्थल भी माना गया है। यहां कतार से बनी महाविद्या के मंदिर मां के रूप और रहस्य को और बढ़ा देती हैं। इन मंदिरों में तारा, षोडिषी, भुवनेश्वरी, भैरवी, बगला, कमला, मतंगी और घुमावती मुख्य हैं। मंगलवार और शनिवार को रजरप्पा मंदिर में विशेष पूजा होती है। मां को बकरे की बलि जिसे स्थानीय भाषा में पाठा कहा जाता है। यह परंपरा सदियों से यहां जारी है। ....  समाचार पढ़ें
जब बाबा कीनाराम का आशीष और क्रोध बरसा था मुगल बादशाह शाहजहां पर अमिय पाण्डेय ,  Oct 12, 2018
यूं ही नहीं कहा गया है ' जो न दे राम वह दें कीनाराम'। अघोरेश्वर बाबा कीनाराम ने सुशुप्त अवस्था में पड़े अघोर परंपरा को न केवल जागृत किया बल्कि उसे सम्पूर्ण ब्रह्मांड में फैलाया। श्रद्धान्वित होकर दरबार में आने वाले भक्तों को बाबा ने खूब आशीर्वाद दिया। लेकिन जिससे भृकुटि टेढ़ी हुई वह उनके श्रापों से वंचित न रहा। उनके दिए हुए श्राप को 21वीं सदी तक राजघरानों ने झेला है। बाबा कीनाराम ने शाहजहां को आशीर्वाद तो दिया लेकिन उसकी उद्दंडता ने बाबा को क्रोधित कर दिया। बाबा ने क्रोध में आकर शाहजहां को ....  समाचार पढ़ें
सिद्धार्थ गौतम राम बाबा जी ने जनता जनार्दन को दिया आशीर्वाद अमिय पाण्डेय ,  Sep 10, 2018
रामगढ़ महोत्सव के अंतिम दिन पीठाधीश्वर अघोराचार्य बाबा सिद्धार्थ गौतम राम जी ने आशीर्वाद देकर व आशीर्वचन से अपने भक्तों को संबोधित किया.और कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी स्थानीय निवासियों जनपदवासियों पुलिस प्रशासन को धन्यवाद दिया.बाबा गौतम राम जी ने कहा कि जो भी बातें वक्ताओं द्वारा कही गयी उसको अमल में लेकर उसपर कार्य करें. ....  समाचार पढ़ें
औघड़ बाबा कीनाराम के गूंज रहल जयकरिया हो भईया, अघोरी दरबार में लागल भारी भीड़ अमिय पाण्डेय ,  Sep 10, 2018
रामगढ़ में संजीवनी देने वाले कुँए पर स्नान करने व पानी पीने वालों की भीड़ लगी रही । ऐसी मान्यता है कि यहां स्नान करने वाला व इस कुएं का पानी पीने वाले रोग मुक्त हो जाते है । बाबा कीनाराम ने अपने हाथ से इस कुएं का निर्माण गोहरे से किया था । इस कुएं में प्रवेश करने के बाद बाबा कीनाराम क्रीं कुंड वाराणसी में निकले थ ....  समाचार पढ़ें
कीनाराम महोत्सव का पहला दिन देश के वरिष्ठ पत्रकार जुटे बाबा के दरबार, बाबा के बारे में जनसमूह को बताया अमिय पाण्डेय ,  Sep 08, 2018
पूरी दुनिया मेअघोर परम्परा के ईष्ट आराध्य प्रणेता अघोराचार्य महाराजश्री बाबा कीनाराम जी का 419 वां तीन दिवसीय जन्मोत्सव समारोह दिनांक 8 सितंबर 2018 को शुरू हुआ। लाखों श्रद्धालुओं, देश दुनिया के बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में शुरू हुए इस समारोह में पहले दिन प्रातः कालीन आरती के पश्चात स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया और तदुपरांत तीन बजे से सांध्यकालीन गोष्ठी में बुद्धिजीवियों ने अपने विचार रखे। ....  समाचार पढ़ें
जानें कौन थे बाबा कीनाराम? जिनके लिए होता है तीन दिवसीय रामगढ़ महोत्सव अमिय पाण्डेय ,  Sep 08, 2018
बाबा किनाराम उत्तर भारतीय संत परंपरा के एक प्रसिद्ध संत थे, जिनकी यश-सुरभि परवर्ती काल में संपूर्ण भारत में फैल गई। वाराणसी के पास चंदौली जिले के ग्राम रामगढ़ में एक कुलीन रघुवंशी क्षत्रिय परिवार में सन् 1601 ई. में इनका जन्म हुआ था। बचपन से ही इनमें आध्यात्मिक संस्कार अत्यंत प्रबल थे। तत्कालीन रीति के अनुसार बारह वर्षों के अल्प आयु में, इनकी घोर अनिच्छा रहते हुए भी, विवाह कर दिया गया किंतु दो तीन वर्षों बाद द्विरागमन की पूर्व संध्या को इन्होंने हठपूर्वक माँ से माँगकर दूध-भात खाया। ध्यातव्य है कि सनातन धर्म में मृतक संस्कार के बाद दूध-भात एक कर्मकांड है । ....  समाचार पढ़ें
जय बाबा कीनाराम: बाबा के भक्त शेयर करें, शुरू हो रहा तीन दिवसीय रामगढ़ बाबा कीनाराम महोत्सव अमिय पाण्डेय ,  Sep 07, 2018
हर वर्ष की भाति इस वर्ष भी बाबा कीनाराम महोत्सव मनाने की तैयारी पूरी हो गयी है. बाबा कीनाराम महोत्सव पिछले तमाम सालों से रामगढ़ गांव में मनाया जाता है, जहां बाबा का जन्म हुआ, जहां बाबा पले बढ़े. बाबा के भक्तों को इस दिन का इंतजार बेसब्री से रहता है. ....  समाचार पढ़ें
आज लगेगा पूर्ण चंद्रग्रहण, भूलकर न करें ये काम जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 31, 2018
आज साल 2018 का पहला चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। साल का पहला चंद्र ग्रहण होने की वजह से इसकी महत्ता काफी बढ़ गई है। इस साल के पहले चंद्र ग्रहण को बेहद खास इसलिए माना जा रहा है क्योंकि आज चंद्र ग्रहण के समय पांच ग्रह मंगल, बुध, गुरु, शुक्र और शनि आकाश मंडल में अस्त रहेंगे। इसका स्पर्श सायंकाल 5 बजकर 18 मिनट पर होगा, जबकि ग्रहण का मध्यकाल शाम 7 बजे और मोक्ष रात्रि 8 बजकर 42 मिनट पर होगा। ....  समाचार पढ़ें
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