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राष्ट्रपति ने प्रोफेसर शंख घोष को 52वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 28, 2017
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने 27 अप्रैल, 2017 को नई दिल्ली में प्रोफेसर शंख घोष को 52वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति महोदय ने कहा कि पद्मभूषण प्रोफेसर शंख घोष एक उत्कृष्ट कवि और समालोचक, विख्यात शिक्षक हैं, जो 1977 में ही साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त कर चुके हैं। ....  समाचार पढ़ें
मीना कांथ, गूगल डूडल ने महिला अधिकारों से जुड़ी लेखिका को किया सलाम जनता जनार्दन संवाददाता ,  Mar 19, 2017
मीना कांथ का आज जन्मदिन है. गूगल डूडल आज फिनिश राइटर, जर्नलिस्ट और सोशल एक्टिविस्ट मीना कांथ का 173वां जन्मदिवस मना रहा है. उलरिका विल्हेल्मिना कांथ का जन्म 19 मार्च 1844 को फिनलैंड के टाम्परे में हुआ था. कांथ का जन्मदिन फिनलैंड में 'सामाजिक समानता दिवस' के रूप में मनाया जाता है. ....  समाचार पढ़ें
वेदप्रकाश शर्मा के अंतिम संस्कार में पहुंचे साहित्य के दिग्गज जनता जनार्दन डेस्क ,  Feb 19, 2017
शहर की शान वेदप्रकाश शर्मा का शुक्रवार की रात निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही साहित्य जगत में शौक की लहर दौड़ गई। वेद प्रकाश शर्मा एक साल से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे। शनिवार को उनके शव का अंतिम संस्कार सूरजकुंड में किया गया। जिसमें नेता और पटकथा लेखन से लेकर उपन्यासकार पहुंचे। उनके शव को मुखाग्नि बेटे ने दी। ....  समाचार पढ़ें
बॉब डिलेन के नोबेल पुरस्कार जीतने पर भारतीय संगीत जगत बेहद खुश जनता जनार्दन संवाददाता ,  Oct 14, 2016
सरोद वादक अमजद अली खान और संगीत निर्देशक ए आर रहमान सहित भारतीय संगीत जगत ने महान अमेरिकी गीतकार एवं गायक बॉब डिलन को साहित्य का नोबेल पुरस्कार दिए जाने की आज सराहना करते हुए इसे संगीत से जुड़े सभी लोगों के लिए 'गौरव का क्षण' बताया. ....  समाचार पढ़ें
कवि और गायक बॉब डिलेन को मिला साहित्‍य का नोबेल पुरस्‍कार 2016 जनता जनार्दन डेस्क ,  Oct 14, 2016
अमेरिकी गीतकार बॉब डिलेन को इस साल का नोबेल साहित्य पुरस्कार दिया जाएगा. वह प्रतिष्ठित सम्मान हासिल करने वाले पहले गीतकार हैं और इस घोषणा ने पुरस्कार पर नजर जमाए हुए लोगों को हैरान कर दिया है. ....  समाचार पढ़ें
मुंशी प्रेमचंद की 136वीं जयंती: गूगल ने गोदान से प्रेरित डूडल बनाकर दी श्रद्धांजलि जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jul 31, 2016
साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद की आज 136वीं जयंती हैं. उनकी जयंती पर गूगल ने अपने होमपेज पर खूबसूरत डूडल बनाया है. ये डूडल बनाकर गूगल ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है. यह भारत के लिए बहुत ही गौरव की बात है. ....  समाचार पढ़ें
नहीं रहीं 'हजार चौरासी की मां' महाश्वेता देवी, कोलकाता में निधन जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jul 28, 2016
हिंदी और बांग्ला की मशहूर लेखिका और सोशल एक्टिविस्ट महाश्वेता देवी का 90 वर्ष की उम्र में कोलकाता के बेलव्यू अस्पताल में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया है. ....  समाचार पढ़ें
नहीं रहे मशहूर शायर निदा फाजली जनता जनार्दन डेस्क ,  Feb 08, 2016
उर्दू के मशहूर शायर और फिल्म गीतकार निदा फाजली का 8 फरवरी सोमवार को मुंबई में निधन हो गया है। 12 अक्टूबर 1938 को दिल्ली में जन्मे निदा फाजली को शायरी विरासत में मिली थी। उनके घर में उर्दू और फारसी के दीवान, संग्रह भरे पड़े थे। उनके पिता भी शेरो-शायरी में दिलचस्पी लिया करते थे और उनका अपना काव्य संग्रह भी था, जिसे निदा फाजली अक्सर पढ़ा करते थे। ....  समाचार पढ़ें
नहीं रहे जाने माने कवि व पत्रकार पंकज सिंह जनता जनार्दन डेस्क ,  Dec 27, 2015
समकालीन हिंदी कविता के सातवें दशक के महत्वपूर्ण कवि पंकज सिंह का हृदय गति रुकने से शनिवार को निधन हो गया. मुजफ्फरपुर के पंकज सिंह लंबे समय से दिल्ली में ही रह रहे थे. वे 67 वर्ष के थे. उन्होंने शनिवार की दोपहर पत्नी सविता सिंह से सिर दर्द की शिकायत की थी.इसके बाद उन्हें नोएडा के एक अस्पताल में भरती कराया गया, जहां उनका निधन हो गया. रामबाग के रहनेवाले पंकज की प्रारंभिक पढ़ाई मुजफ्फरपुर में हुई. यहां ये लंबे समय तक नवगीत के रचनाकार कवि राजेंद्र प्रसाद सिंह के साथ साहित्य सर्जना करते रहे. ....  समाचार पढ़ें
भारत में हिंदू-मुस्लिम नहीं बल्कि विचारों का बदलाव: तस्लीमा जनता जनार्दन डेस्क ,  Dec 07, 2015
बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन ने कहा है कि भारत में टकराव हिंदुत्व और इस्लाम के बीच नहीं बल्कि धर्मनिरपेक्षता और कट्टरवाद के विचारों के बीच है। तस्लीमा ने एक वीडियो संदेश में कहा कि भारत में टकराव है, यह टकराव धर्मनिरपेक्षता और कट्टरवाद के दो विभिन्न विचारों के बीच है। मैं उनसे सहमत नहीं हूं जो सोचते हैं कि टकराव हिंदुत्व और इस्लाम के बीच है। ....  समाचार पढ़ें
त्रिनिदाद एवं टोबैगो में हिंदुओं-मुस्लिमों में कोई भेद नहीं: आलिया एनियाथ सोमरीता घोष ,  Sep 03, 2016
कैरेबियाई द्वीप समूह के देश त्रिनिदाद एवं टोबैगो की भारतीय मूल की लेखिका आलिया एनियाथ का मानना है कि त्रिनिदाद एवं टोबैगो में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के बारे में पूरी दुनिया को बताए जाने की जरूरत है, क्योंकि वहां हिंदू और मुस्लिमों के बीच कोई भेद नहीं है और भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। ....  लेख पढ़ें
आजीवन वंचितों की मशाल थामे रहीं महाश्वेता देवी जनता जनार्दन डेस्क ,  Jul 30, 2016
लंबे अरसे से मेरे भीतर जनजातीय समाज के लिए पीड़ा की जो ज्वाला धधक रही है, वह मेरी चिता के साथ ही शांत होगी... बांग्ला की सुप्रसिद्ध लेखिका महाश्वेता देवी के ये शब्द जनजातीय समाज के प्रति उनके प्रेम की झलक पेश करते हैं. ....  लेख पढ़ें
हरिवंशराय बच्चन को छोड़ हनी सिंह की राह पर आ गये कुमार विश्वास बीपी गौतम ,  May 17, 2016
कवि सम्मेलनों में स्वयं को हरिवंश राय बच्चन की परंपरा का बताते हुए अमिताभ बच्चन पर अपमानजनक टिप्पणी करते रहे हैं, लेकिन समय ने आज कुमार विश्वास को अमिताभ बच्चन नहीं, बल्कि हनी सिंह की परंपरा से जोड़ दिया है. ....  लेख पढ़ें
बेहतर हो रही है पाकिस्तानी महिलाओं की स्थिति: कंजा जावेद जनता जनार्दन डेस्क ,  Apr 06, 2016
पाकिस्तान की नई नारी देश का चेहरा बदल रही है और उसके रुतबे में बहुत सकारात्मक बदलाव आ रहा है। यह कहना है 24 वर्षीय लेखिका कंजा जावेद का, जिन्होंने हाल ही में राजधानी में अपनी मशहूर किताब ऐशज, वाइन एंड डस्ट को जारी किया।लाहौर और वॉशिंगटन की पृष्ठभूमि पर आधारित किताब में नायिका मरियम अमीन की जिंदगी के तीन चरणों को पेश किया गया है। कंजा की यह किताब मातृसत्तात्मक समाज की तस्वीर पेश करती है। ....  लेख पढ़ें
श्रद्धांजलि: रोते हुए बच्चों को अब हंसाएगा कौन, निदा फाजली जनता जनार्दन डेस्क ,  Feb 10, 2016
'उसको रुखसत तो किया था, मुझे मालूम न था/सारा घर ले गया, घर छोड़ के जाने वाला।' ये निदा फाज़ली के अल्फाज़ हैं, जो हम सबको रुखसत कर चले गए। ज़िंदगी के हर मोड़ पर मिली तकलीफ को अल्फाज़ में पिरोने वाले और अपनी बातों को बेबाकी से कहने वाले उर्दू और हिंदी के नामचीन शायर मुख्तदा हसन निजा फाज़ली सोमवार (आठ फरवरी) को दुनिया को अलविदा कह गए। ....  लेख पढ़ें
मैं बने-बनाए सांचे में नहीं लिखती: शोभा निहलानी जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 29, 2016
शोभा निहलानी का कहना है कि वह बने-बनाए सांचे में लिखने में यकीन नहीं करतीं हैं. शोभा निहलानी बतौर रहस्य, साजिश और रोमांच लेखिका के रूप में जानी जाती हैं. कानो, एंटवर्प, सिंगापुर, रोचेस्टर, मुंबई, बेंगलुरु और अब हांगकांग-इतनी जगहों पर रहने की वजह से शोभा निहलानी एक तरह से विश्व नागरिक बन चुकी हैं. भले ही किसी बने-बनाए सांचे में न लिखती हों, लेकिन इसके बावजूद वह पांच बेहद कामयाब उपन्यासों की लेखिका बन चुकी हैं और कई और लिखना चाहती हैं. ....  लेख पढ़ें
लेखन मेरा दूसरा जीवन: राजनयिक सरना प्रीता नायर ,  Jan 05, 2016
युनाइटेड किंग्डम के लिए भारत के नवनियुक्त उच्चायुक्त नवतेज सरना का संबंध लेखकों के उस समूह से है जिसे साहित्य का विदेश मंत्रालय स्कूल कहा जाता है। वह इस स्कूल के हैं जरूर लेकिन कहते हैं कि उन्होंने अपने पेशेवर और लेखकीय जीवन को बहुत सारगर्भित रूप से अलग किया हुआ है। ....  लेख पढ़ें
कविता मेरा पहला प्रेम: रामदरश मिश्र जनता जनार्दन डेस्क ,  Dec 21, 2015
हिंदी साहित्य के लिए इस वर्ष के साहित्य अकादमी पुरस्कार विजेता प्रख्यात साहित्यकार एवं कवि रामदरश मिश्र का कहना है कि 'कविता मेरा पहला प्रेम है' और साहित्य अकादेमी तो एक' आंगन' की तरह है, जहां सभी भाषाएं एक साथ उठती-बैठती हैं। मिश्र ने हालांकि असहिष्णुता को लेकर देश में छिड़ी बहस को बकवास करार दिया और कहा कि साहित्य अकादमी से इन घटनाओं का कोई लेना-देना नहीं है। ....  लेख पढ़ें
सहिष्णु माहौल बनाने की जिम्मेदारी लेखकों पर भी: अष्टभुजा शुक्ल जनता जनार्दन संवाददाता ,  Dec 05, 2015
देश में असहिष्णुता को लेकर छिड़ी बहस के बीच वरिष्ठ कवि अष्टभुजा शुक्ल ने कहा कि लेखकों की भी यह जिम्मेदारी बनती है कि वे अपनी लेखनी के बल पर समाज में सहिष्णु माहौल बनाए रखने में मदद करें।हाल ही में इफ्को की ओर से 5वें श्रीलाल शुक्ल स्मृति सम्मान के लिए चयनित किए गए शुक्ल ने यह भी कहा कि सरकार यदि वास्तव में साहित्यकारों से बातचीत करने को तैयार है तो उसकी कथनी और करनी में अंतर नहीं दिखना चाहिए। ....  लेख पढ़ें
पुरस्कार वापसी या प्रचार पिपासा! अनंत विजय ,  Sep 10, 2015
कन्नड़ के लेखक प्रोफेसर एम एम कालबुर्गी की हत्या के विरोध में साहित्यक और सांस्कृतिक जगत उद्वेलित है । सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक इस हत्या के विरोध में प्रदर्शन आदि भी हो रहे हैं । हत्यारों को पकड़ने और उसको सजा देने की मांग लगातार जोड़ पकड़ रही है । कर्नाटक में 30 अगस्त को प्रोफेसर एमएम कालबुर्गी की हत्या के बाद धीरे-धीरे विरोध के स्वर तेज होते जा रहे हैं। ....  लेख पढ़ें
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