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चंदौली: धूमधाम से मनाया गया महाराजा सुहेलदेव जयन्ती समारोह, डीएम एसपी भी हुए शामिल अमिय पाण्डेय ,  Feb 16, 2021
चंदौली में महाराजा सुहेलदेव की जयंती धूमधाम से मनाई गई जिले में 19 जगहों पर महाराजा सुहेलदेव की जयंती मनाया गया है जिसमें बड़े कार्यक्रम तीन जगहों पर हुआ चकिया धानापुर औऱ सैयदराजा के शहीद स्मारक स्थल पर।सैयदराजा के राजा सुहेलदेव के 1012 वी जयंती समारोह कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए विधायक सुशील सिंह पहुँचे थे।उन्होंने सबसे पहले शहीदो स्थल पर माल्यर्पण किया उसके बाद उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री राज्य के मुख्यमंत्री ने यह कार्यक्रम में शिरकत किया और इतने बड़े पैमाने पर आयोजित किया जो आ ....  समाचार पढ़ें
बिहार केशरी श्री कृष्ण सिंह के अधूरे सपनों को साकार करने से आखिर कबतक कतराएंगे हमलोग गोपाल जी राय, वरिष्ठ पत्रकार व लेखक ,  Jan 31, 2021
स्वाभाविक सवाल है कि क्या उन महानुभावों जैसी राजनीतिक शिष्टता की परिकल्पना मौजूदा राजनीतिक दौर में की जा सकती है, जबकि जन अपेक्षाएं वैसी ही रहती आई हैं। उसी बिहार ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और जदयू सुप्रीमो नीतीश कुमार के बीच जैसी सियासी रस्साकशी देखी है और देख रही है, उससे श्री बाबू के स्मरण का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। ....  समाचार पढ़ें
भाजयुमों चंदौली ने मनाया स्वामी विवेकानंद जयंती, 25 युवा उद्यमियों को सम्मानित किया  अमिय पाण्डेय ,  Jan 12, 2021
चंदौली: स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा युवा दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था । कार्यक्रम में जिले के युवा उद्यमियों को सम्मानित किया गया । कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री शंकर गिरी शामिल हुए । इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वापी युवा उद्यमियों को सम्मानित किया । भाजयुमो के जिलाध्यक्ष जितेंद्र पांडेय ने सभी वरिष्ठ नेताओ विधायक का स्वागत किया।  ....  समाचार पढ़ें
चंदौली: विवेकानंद जयंती समारोह का हुआ आयोजन, विधायक सुशील सिंह हुए शामिल  अमिय पाण्डेय ,  Jan 12, 2021
चन्दौली: ग्राम स्वराज मंच के तत्वाधान में विश्व हिंदू परिषद द्वारा संचालित एकल विधालय की एकल सप्ताह का आयोजन विवेकानंद जयंती पर हुआ जिसमें एकल विद्यालय की शिक्षिकायें व छात्र-छात्राएं शामिल हुए.यह कार्यक्रम भीम बाबा मंदिर प्रांगण में हुआ तदोपरांत 5 सीनियर सिटीजन समाजसेवी को सम्मानित किया गया।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सैयदराजा विधायक सुशील सिंह थे व अध्यक्षता वीरेंद्र जायसवाल ने किया व संचालन बच्चा बाबू अग्रहरी ने किया. ....  समाचार पढ़ें
चन्दौली में अटल बिहारी वाजपेयी जयंती व किसान सम्मेलन में शामिल होंगे सांसद डॉ महेंद्र नाथ पाण्डेय अमिय पाण्डेय ,  Dec 24, 2020
चन्दौली: 25 दिसंबर अटल बिहारी वाजपेयी जयंती के अवसर पर सुशासन दिवस एवं किसान सम्मेलन के रूप में भारतीय जनता पार्टी सभी विकास खंडों पर सुबह 11:00 बजे से मनाएगी जहां ठीक 12:00 बजे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों को सीधे  संबोधित करेंगे इस अवसर पर चंदौली के सांसद केंद्रीय मंत्री डॉक्टर महेंद्र नाथ पांडे चन्दौली विकासखंड में 2 घण्टे उपस्थित रहेंगे एवं अपना उद्बोधन देंगे यह जानकारी मंत्री जी के मीडिया प्रभारी जिला उपाध्यक्ष भाजपा हरिवंश उपाध्याय ने दी है.उन्होंने बताया कि विकास पुरूष के आगमन सेे   कार्यकर्ताओ में हर्ष हैंं.  ....  समाचार पढ़ें
93 साल के हुए आडवाणी, घर जाकर पीएम मोदी ने खिलाया केस जनता जनार्दन संवाददाता ,  Nov 08, 2020
2002 से 2004 के बीच अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में लाल कृष्ण आडवाणी भारत के सातवें उप प्रधानमंत्री रहे. वहीं 1998 से 2004 के दरम्यान वह बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में गृहमंत्री का भी पद संभाल चुके हैं. यकीनन भारतीय जनता पार्टी की नींव रखने में लाल कृष्ण आडवाणी का योगदान बहुमूल्य है. 10वीं और 14वीं लोकसभा में वह विपक्ष के नेता की भूमिका में रहे. राजनीतिक करियर की शुरूआत लाल कृष्ण आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से की थी. 2015 में भारत के दूसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से भी वह सम्मानित किये जा चुके हैं. ....  समाचार पढ़ें
प्रभाष जी की पुण्यतिथि पर, गौरव! मालवे में तुम होते ''गऊ रब'' गौरव अवस्थी ,  Nov 05, 2020
प्रभाष जोशी जी आज होते तो 85 वे वर्ष में प्रवेश कर रहे होते. 11 बरस हो गए आज ही के दिन काल के क्रूर हाथों में  विरल-सरल सहज-स्वभाव के प्रभाष जी को हम सबसे  छीन लिया. प्रभाष जी हिंदी के ऐसे श्रेष्ठ पत्रकार थे जिनका नाम भारतीय भाषा के देश के श्रेष्ठ 10 पत्रकारों में गिना जाता है. बात याद आती है, महाप्रयाण के 2 वर्ष पहले वर्ष 2007 में रायबरेली आगमन की. हम सब ने आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी युग प्रेरक सम्मान उन्हें समर्पित करने का संकल्प लिया. इस संकल्प को "सिद्ध" प्रभाष जी ने रायबरेली पधार कर किया था. लखनऊ एयरपोर्ट पर हम लोग उन्हें लेने गए. "मालवा के  मान" माने जाने वाले प्रभाष जी इनसाइक्लोपीडिया तो थे ही चलती फिरती पाठशाला भी थे. ....  समाचार पढ़ें
तीसरी पुण्यतिथी पर याद की गई समाजसेविका विंध्यवासिनी देवी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 22, 2020
सासाराम।नेशनल सीनियर सिटीजन एसोसिएशन के दिवंगत पूर्व सदस्या व समाजसेविका विंध्यवासिनी देवी की तीसरी पुण्यतिथी पर याद कर उन्हें श्रधांजलि दी गई। वक्ताओं ने उनके तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके व्यक्तिव व कृतित्व पर प्रकाश डाला।स्व.विंध्यवासिनी देवी समाजिक सरोकार वाली महिला थी। वे हमेशा यथासम्भव गरीबों की मदद करती रहती थी। रोहतास जिले के चेनारी प्रखंड के पांडे ....  समाचार पढ़ें
तेरे दर्द से दिल आबाद रहा, कुछ भूल गए कुछ याद रहा, अलविदा ऋषि कपूर जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 30, 2020
हिंदी सिनेमा के मशहूर अदाकार ऋषि कपूर का मुंबई के चंदनवाड़ी शमशान घाट पर इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में अंतिम संस्कार हुआ. उनके बेटे और अभिनेता रनबीर कपूर ने अंतिम संस्कार की सारी प्रक्रिया निभाई. लॉकडाउन की वजह से पुलिस ने अंतिम संस्कार में कुछ बेहद करीबी लोगों को ही शामिल होने की इजाज़त दी. ऋषि कपूर की बेटी रिद्धिमा कपूर दिल्ली में हैं, इस वजह से वो अपने पिता के आखिरी दर्शन नहीं ....  समाचार पढ़ें
बिहार केशरी श्री कृष्ण सिंह के अधूरे सपनों को साकार करने से आखिर कबतक कतराएंगे हमलोग गोपाल जी राय, वरिष्ठ पत्रकार व लेखक ,  Jan 30, 2020
हान स्वतंत्रता सेनानी 'बिहार केसरी' डॉ. श्रीकृष्ण सिन्हा उर्फ श्री बाबू भारतीय राजनीति में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। उन्हें आधुनिक बिहार का निर्माता कहा जाता है। उनका जन्म वर्ष 1887 में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1961 तक आजीवन बिहार की सेवा की और समकालीन भारतीय राजनीति के दैदीप्यमान राजनेता बने रहे। वह भारत के अखंड बिहार राज्य के प्रधानमंत्री व प्रथम मुख्यमंत्री थे। उनका कार्यकाल 1946 से 1961 तक था। ....  समाचार पढ़ें
भारत यायावर: एक गंभीर अध्येता का जन्मदिन गौरव अवस्थी ,  Nov 28, 2020
66 वर्ष पहले जन्मे आदरणीय भारत यायावर जी एक गंभीर अध्येता हैं. विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग (झारखंड) में प्राध्यापक रहे भारत यायावर जी ने किताब घर नई दिल्ली से कई खंडों में प्रकाशित आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी रचनावली का संपादन करके आचार्य द्विवेदी के विविध पक्षों को समाज के सामने प्रस्तुत किया. डॉ नामवर सिंह पर  लिखी गई उनकी जीवनी पुस्तक "नामवर होने का अर्थ" भी साहित्य जगत में काफी चर्चित और प्रतिष्ठित हुई. ....  लेख पढ़ें
अग्निवेश: शांत हो जाना वैचारिक अग्नि की एक सम्मोहक लपट का  त्रिभुवन ,  Sep 12, 2020
अग्निवेश एक अलग तरह के साधु और एक विलक्षण तरह कर सामाजिक नेता थे। उनके व्यक्तित्व में सम्मोहन और उनकी भाषा में एक आज था। वे विवादास्पद भी थे। वे विवादों को निमंत्रित भी करते थे। लेकिन सच में वे मुक्तिवादी और साम्यकामी थे। उनकी उपस्थिति विरोधियों को परेशान करती थी। वे जिज़ समय जीवन के आख़िरी क्षणों में थे, तब कथित हिंदुत्ववादी लोगों ने उन पर अपमानजनक हमला किया। वृद्धों और साधुओं के प्रति सदैव करुणा और दयाशील सनातन धर्म में ऐसा भी संभव है, यह कल्पना से परे है। लेकिन इस दौर में हर असंभव संभव है। अग्निवेश का अपना आर्यसमाज आज दयानन्द सरस्वती के दर्शन से परे भटकता हुआ शीर्षासन मुद्रा में है और पाखंडों का रणसिंघा फूँक रहे जड़मूर्तिपूजकों की उंगली थामे खड़ा है। उसका तेज, तर्क और ....  लेख पढ़ें
स्वामी सहजानन्द सरस्वती: आखिर वर्तमान क्यों नहीं गढ़ पा रहा किसानों का ऐसा मसीहा? गोपाल जी राय/वरिष्ठ पत्रकार और स्तम्भकार ,  Feb 20, 2020
कहते हैं कि वर्तमान में ही इतिहास गढ़ा जाता है। लेकिन यह कैसी विडंबना है कि समकालीन वर्तमान अपने धवल अतीत को पुनः गढ़ पाने में असहाय प्रतीत होता है। यह कौन नहीं जानता कि अमूमन इतिहास खुद को दुहराता है, लेकिन स्वामी सहजानन्द सरस्वती का व्यक्तित्व और कृतित्व अब तक अपवाद स्वरूप है। आगे क्या होगा भविष्य के गर्त में है, पर वर्तमान को उनकी याद सताती है। भले ही उनको गुजरे जमाने हो गए, फिर भी इतिहास खुद को दुहरा नहीं पाया! जबकि लोगबाग बे ....  लेख पढ़ें
मैलानी आश्रम अघोरियों के लिए शक्ति प्रतिष्ठित नीरज वर्मा ,  Nov 15, 2018
ये सब बहुत कुछ आपकी आंतरिक पवित्रता व अध्यात्मिक सामर्थ्य पर निर्भर है । ये स्थान आने वाले दिनों में क्रमशः एक महान शक्तिपीठ के रूप में स्थापित होने की संभावनाओं को दरकिनार नहीं करता है । और न ही आम जनमानस की लौकिक और आध्यात्मिक जगत की पारलौकिक लालसाओं की पूर्ति से इनकार करेगा । ....  लेख पढ़ें
ऐसे दौर में अरुण कुमार जैसे पुलिस अफसर के किसी सुरक्षा बल का मुखिया होने के मायने जय प्रकाश पाण्डेय ,  Oct 03, 2018
आईपीएस का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद मुगलसराय की सर्किल ऑफिसर की पहली नियुक्ति से शुरू हुए 1985 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुण कुमार का तेवर अभी भी थमा नहीं है. दबंग, भ्रष्ट, देश के दुश्मनों और कामचोरों पर उनके चाबुक की धमक जहां भी रहें सुनाई पड़ ही जाती है. संतोष की बात यह कि यह सफर अभी जारी रहना है. ....  लेख पढ़ें
डॉ. संजय गुप्ताः लाखों चेहरों पर मुस्कान बिखेरने वाले 'खुशहाली गुरु'  अमिय पाण्डेय ,  Sep 27, 2018
वह बाबा भोलेनाथ के भक्त हैं और काशी में रहते हैं. बाबा हर हर महादेव उनके लिए मंत्र वाक्य से कहीं अधिक है. वह किसी शिव मंदिर के पुजारी नहीं, पर किसी शिवभक्त से कम नहीं. स्वभाव से मस्त और अपने हुनर के माहिर, इतने कि बिगड़े से बिगड़ा केस इनके छूने भर से ठीक. हम बात कर रहे हैं खुशहाली गुरु के नाम से प्रसिद्ध डॉ संजय गुप्ता की ....  लेख पढ़ें
यादेंः अटल थे, अटल हैं, अटल रहेंगे! राजशेखर व्यास ,  Aug 17, 2018
वे साधारण परिवार में जन्मे, साधारण से प्राइमरी स्कूल में पढ़े और साधारण से प्राइमरी स्कूल टीचर के बच्चे हैं। उनके पिता का नाम था कृष्णबिहारी वाजपेयी और दादा थे पंडित श्यामलाल वाजपेयी। उन्होंने सारे देश के सामने एक बार कहा था- 'मैं अटल तो हूं पर 'बिहारी' नहीं हूं। ....  लेख पढ़ें
अवध से था ऐसा लगाव कि लखनऊ की जनता के दिल पर राज करते थे अटल जनता जनार्दन डेस्क ,  Aug 17, 2018
देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी वर्ष 1991 से 2004 तक लगातार लखनऊ से सांसद चुने गए। उनका उत्तर प्रदेश की राजधानी से गहरा नाता रहा। वह एक कुशल राजनेता, कवि, प्रखर वक्ता और पत्रकार के रूप में राजनेताओं और जनता के बीच लोकप्रिय रहे और उन्होंने हमेशा लखनऊवासियों के दिल पर राज किया। ....  लेख पढ़ें
वाजपेयी ने मौत की आंखों में झांककर लिखी थी कविताएं जनता जनार्दन डेस्क ,  Aug 17, 2018
पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी जितने राजनेता के रूप में सराहे गए उससे कहीं ज्यादा अपनी कविताओं के लिए चर्चित रहे। वाजपेयी ने कई दफे अभिव्यक्ति के लिए कविता को माध्यम बनाया। वर्ष 1988 में जब वह किडनी के इलाज के लिए अमेरिका गए तो प्रसिद्ध साहित्यकार धर्मवीर भारती को पत्र लिखा। ....  लेख पढ़ें
ठंडाई और भांग के बीच अटल और बनारस, एक अलहदा नाता उत्पल पाठक ,  Aug 17, 2018
काशी के अटल या बनारस के अटल में अगर समानताएं हैं तो भिन्नता भी उतनी ही हैं. काशी के अटल बीजेपी और संघ के अटल हैं. हिंदुत्व और कट्टरवाद के अटल हैं. लेकिन बनारस के अटल ठंडाई और पान के अटल हैं. वे जमीन पर बैठ कर पंगत में खाने वाले, रिक्शे पर बैठ कर रात में शहर को नापने वाले और इस शहर की समाजवादी और गैर राजनीतिक छवि को अपने भीतर घोलने के बाद खुल कर ठठा कर हंसकर जीने वाले अटल हैं. ....  लेख पढ़ें
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