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शिव का संदेश था कि केदारनाथ में मंदिर के सिवा कुछ और नहीं: पत्रकार मंजीत नेगी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 11, 2019
केदारनाथ हिंदुओं के चार धाम में एक धाम है. वहां की यात्रा बहुत दुर्गम है. साल 2013 में वहां एक ऐसी आपदा घटी, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. आजतक के पत्रकार मंजीत नेगी ने केदारनाथ हादसे की आंखोंदेखी रिपोर्टिंग की और पुनर्निर्माण के दौरान भी वह लगातार केदारनाथ जाते रहे. फिर अपने अनुभवों पर उन्होंने एक किताब लिखी, नाम रखा 'केदारनाथ से साक्षात्कार.' ....  समाचार पढ़ें
'गांधी की परिकल्पना का भारत' विषय पर परिचर्चा एवं कविता पाठ से झूम उठा बेगूसराय साहित्य-प्रेमी समुदाय जनता जनार्दन संवाददाता ,  Oct 05, 2018
विप्लवी पुस्तकालय, प्रलेस बेगूसराय एवं नीलांबर कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में पिछले दिनों गोदरगावां के चर्चित विप्लवी पुस्तकालय में 'गांधी की परिकल्पना का भारत' विषय पर परिचर्चा एवं कविता पाठ का शानदार आयोजन किया गया. ....  समाचार पढ़ें
शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने से बच्चों में हीनभावना: हिंदी दिवस पर उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 14, 2018
उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने प्राथमिक शिक्षा का माध्यम मातृभाषा बनाने पर जोर दिया और कहा है कि शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने के कारण बच्चों में आत्मविश्वास की कमी और हीनभावना पनपती है। ....  समाचार पढ़ें
डॉ शम्भुनाथ सिंह की 27वीं पुण्यतिथि पर गोष्ठी, सम्मान और काव्यांजलि जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 06, 2018
हिंदी साहित्य में नवगीत को महत्त्वपूर्ण स्थान दिलाने में डॉक्टर शम्भुनाथ सिंह की बेहद खास भूमिका रही, इसीलिए उन्हें नवगीत का शिखर पुरूष माना जाता है. उन्होंने ही सर्वप्रथम 1954-55 में इलाहाबाद में परिमल की गोष्ठी में नवगीत शब्द का प्रयोग किया था जो आज एक विशाल वटवृक्ष का रूप ले चुका है. ....  समाचार पढ़ें
 इस्मत चुग़ताई की याद में गूगल ने बनाया डूडल, पर क्या वाकई उनका जन्मदिन आज है? जनता जनार्दन संवाददाता ,  Aug 21, 2018
उर्दू की मशहूर और सबसे विवादित लेखिकाओं में शुमार इस्मत चुग़ताई के 107वें जन्मदिन पर गूगल ने डूडल बनाकर उन्हें याद किया है. कुछ लोग मानते हैं कि उनका जन्म 15 अगस्त, 1915 को हुआ था. पता नहीं कब और कैसे यह 21 अगस्त हो गया. इस्मत चुग़ताई का 107वां जन्मदिन नाम का टाइटल देकर गूगल ने बिंदास और बोल्ड लेखनी के लिए मशहूर 'इस्मत आपा' को श्रद्धांजलि दी है. ....  समाचार पढ़ें
जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 26, 2018
दुनिया भर में तेज़ी से बढ़ती पर्यावरण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए साहित्य को ज़रिया बनाने की प्रतिबद्धता के तहत ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के 11वें संस्करण में समुद्रों, नदियों, पहाड़ों, वनों, वन्य जीवन और ऐसी प्राकृतिक संपदाओं को संरक्षण के लिए गंभीर संवाद शुरू किया है। इसके लिए संरक्षण एवं पर्यावरण संबंधी मुद्दे पर केंद्रित सत्रों का आयोजन किया गया। ....  समाचार पढ़ें
ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2018 में साहित्य, थिएटर, नृत्य और कविताओें की प्रस्तुति जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 26, 2018
ज़ी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2018 साहित्य और प्रदर्शन कलाओं के संबंधों की संभावनाएं तलाशने के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसके विभिन्न सत्र थिएटर, संगीत, नृत्य और प्रदर्शन कविताओं के स्वाद से समृद्ध होंगे। भारत की स्वतंत्रता के 70 वर्षों और यूके भारत संस्कृति वर्ष के उत्सवों के अंतर्गत अपने विश्वस्तरीय प्रीमियर के मौके पर भारतीय नृत्य के यूके के प्रमुख निर्माता एकेडमी द्वारा पेश किया जाने वाला द ट्राथ 1915 की लघु कथा चंद्रधर शर्मा गुलेरी की उसने कहा था पर आधारित है। ....  समाचार पढ़ें
'साहित्य और पर्यावरण' पर 'रेखना मेरी जान' के संदर्भ में रत्नेश्वर सिंह और मनीषा कुलश्रेष्ठ की खास चर्चा जय प्रकाश पाण्डेय ,  Jan 11, 2018
मुझे यह कहने में कत्तई संकोच नहीं कि 'रेखना मेरी जान' पढ़ते समय आपको यह किताब बेशकीमती मालूम होगी. किसी शब्दचित्र, इतिहास और साइंस फिल्म की तरह यह आपको आर्कटिक से बंगलादेश तक, प्रेम से बिछोह तक, अमीरी से गरीबी तक, निर्माण से ध्वंस तथा साइंस से प्रकृति और मानवीय संवेदना से जोड़ती है. ....  समाचार पढ़ें
लोकतंत्र में हिंसक विरोध की परिपाटी स्वीकार्य नहींः टाइम्स लिटरेचर फेस्टिवल में उपराष्ट्रपति जनता जनार्दन संवाददाता ,  Nov 26, 2017
किसी भी मसले पर कहीं भी कभी भी धार्मिक भावनाओं के आहत होने के नाम पर विरोध की बढ़ती प्रवृत्ति पर कटाक्ष करते हुए उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि पहले विरोध किया जाता है, लेकिन कुछ लोग इस दौरान सीमा पार कर जाते हैं और इनामों के ऐलान करने लगते हैं। ....  समाचार पढ़ें
लखनऊ में हुई हिंदी बेस्ट सेलर की दूसरी सूची की घोषणा जनता जनार्दन संवाददाता ,  Nov 04, 2017
तीन दिवसीय अभिव्यक्ति के उत्सव 'दैनिक जागरण संवादी' में दैनिक जागरण और नील्सन बुक स्कैन की दूसरी हिंदी बेस्टसेलर सूची की घोषणा उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, विश्वनाथ तिवारी, अध्यक्ष, साहित्य अकादमी और जागरण प्रकाशन के सीईओ और प्रधान संपादक श्री संजय गुप्त द्वारा भारतेंदु नाट्य अकादेमी, लखनऊ में किया गया. यह हिंदी बेस्टसेलर आंकड़े जुलाई से सितंबर के बीच के हैं जो की दैनिक जागरण और नील्सन बुक स्कैन द्वारा हर तीन महीने में जारी किये जाते हैं . ....  समाचार पढ़ें
साहित्यकार भी, समाजसेवी भी और सबसे बढ़कर मां: महाश्वेता देवी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 14, 2019
आज महाश्वेता का जन्मदिन है. अगर वह जिंदा होतीं, तो 93 की होतीं. अपने नाम की ही तरह साफ, उजली और सफ्फ़ाक. उन्होंने ताउम्र लेखन व संघर्ष उनके लिए किया जो जूझ रहे थे अपनी पहचान के लिए. इसीलिए वह बड़ी साहित्यकार थीं. शिक्षक भी समाजसेवी भी. किसी एक खांचे में उन्हें अलग करना मुश्किल है. वह मां थी, एक दो की नहीं हजार चौरासी की मां... अनगिनत की मां. ....  लेख पढ़ें
वाजपेयी ने मौत की आंखों में झांककर लिखी थी कविताएं जनता जनार्दन डेस्क ,  Aug 17, 2018
पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी जितने राजनेता के रूप में सराहे गए उससे कहीं ज्यादा अपनी कविताओं के लिए चर्चित रहे। वाजपेयी ने कई दफे अभिव्यक्ति के लिए कविता को माध्यम बनाया। वर्ष 1988 में जब वह किडनी के इलाज के लिए अमेरिका गए तो प्रसिद्ध साहित्यकार धर्मवीर भारती को पत्र लिखा। ....  लेख पढ़ें
विश्व पुस्तक व कॉपीराइट दिवस विशेष:दुनिया को जोड़तीं हैं किताबें ब्लॉगर आकांक्षा सक्सेना ,  Apr 23, 2018
साथियों हमारे देश को विश्वगुरू इसलिए कहा जाता है कि हमारे देश की नींव प्रेम, सम्मान, ज्ञान और विज्ञान के प्रतीक महान वेदों, पुराणों, श्री रामायण,श्री भगवद्गीता, महाभारत, श्रीभागवत् महापुराण, कुरान,बाईविल, जेंद आवेस्ता वस्ता, गुरू ग्रंथ साहिब जैसे ज्ञान, वैराग्य, प्रेम, शांति और जीवन आनंद के कभी न खत्म होने वाले अनमोल खजानों से ....  लेख पढ़ें
'घर की औरतें और चांद': रेणु शाहनवाज़ हुसैन के काव्य संग्रह पर एक चर्चा विम्मी करण सूद ,  Nov 17, 2017
'जैसे' और 'पानी प्यार' के बाद रेणु शाहनवाज़ हुसैन का अगला काव्य संग्रह आने को तैयार है जिसका नाम है 'घर की औरतें और चांद' । हाल ही में रेणु ने 'द रायसन्स' में इस संग्रह में से कुछ कविताएं दोस्तों के बीच साझी कीं। चांद यूं तो प्यार, महबूब का प्रतीक है पर रेणु का चांद उस मरकरी की तरह है जो कल्पना के सांचे में ढलकर वही रूप अख्तियार कर लेता है जो घर की औरतें देखना चाहती हैं… ....  लेख पढ़ें
हमारे जीवनादर्श राम-कृष्ण काल्पनिक नहीं: समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक आख्यान, बहसः भाग-3 जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 02, 2017
धर्म मनुष्यता का बोध है, वैश्विक चेतना का विस्तार है। जब कामायनी में मनु महाराज के अवतरण के बाद उन्हें जीवन का उद्देश्य बताया गया, तो प्रसाद लिखते हैं- औरों को हँसते देखो मनु, हंसो और सुख पाओ/ अपने सुख को विस्तृत कर लो, जग को सुखी बनाओ। वास्तव में यह कर्तव्य बोध ही धर्म है। पर आधुनिक विमर्श में मनु खलनायक बना दिए गए हैं और दुर्गा सप्तशती के महिषासुर वध को महिषासुर बलिदान बनाकर महिमामण्डित किया जाता है। ....  लेख पढ़ें
हिंदी में रामकथा लेखक, अंग्रेज़ी में सुपरस्टारः समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक आख्यान, बहसः भाग-2 जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 29, 2017
पिछली कड़ी में हमने हिंदी के युवा और बहुचर्चित आलोचक अनंत विजय के लेख 'हिंदी में मिथकों से परहेज क्यों?' का संदर्भ देते हुए व्हाट्सएप के लब्धप्रतिष्ठित 'साहित्य' समूह में चली का जिक्र किया था. इस समूह में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित विद्वतजनों का अच्छाखासा समूह सक्रिय है, जिनमें साहित्यकार, संपादक, पत्रकार, लेखक, प्राध्यापक, निर्देशक, समीक्षक सभी शामिल हैं. ....  लेख पढ़ें
समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक बनाम मिथ आख्यान, बहसः भाग-1 जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 22, 2017
साहित्य जगत में इन दिनों अमिष त्रिपाठी की किताब 'सीता, द वॉरियर ऑफ मिथिला', को लेकर उत्सुकता का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी इस किताब को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लेखक अमिष त्रिपाठी के साथ घंटेभर की बातचीत इस किताब को केंद्र में रखकर की। दोनों की इस बातचीत को फेसबुक पर हजारों लोगों ने देखा। ....  लेख पढ़ें
हिंदी को तकनीक के असर से बचाने की पहल जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 04, 2017
बदलते दौर में आम आदमी की जिंदगी का हिस्सा बन गई है तकनीक. इससे जहां सुविधाएं पाना आसान हो रहा है तो वहीं भाषा भी इसके असर से बच नहीं पा रही है, इससे भाषा के हिमायती चिंतित हैं. उन्हें लगता है कि किताबों का दूर होना और तकनीक का हावी होना भाषा को कमजोर कर रहा है, लिहाजा भाषा (हिंदी) समृद्ध रहे, इसके लिए मध्यप्रदेश की राजधानी में एक पुस्तकालय शुरू किया गया है. ....  लेख पढ़ें
चाहिए! एक अदद संपादक ... प्रभु झिंगरन ,  Jun 20, 2016
काफी हाउस के पास की दुकान से चने का सत्तू खरीदने गया, तो जिस कागज की थैली में मंगलू भड़भूजे ने सत्तू दिया, अखबारी कागज से बनी उस थैली पर छपा मुझे यह विज्ञापन दिखाई दे गया। इस विज्ञापन को यहां पर ज्यों का त्यों दे रहा हूं, हो सकता है कि किसी बेरोजगार, कुंठित या महत्वाकांक्षी पत्रकार भाई के काम आ जाये। ....  लेख पढ़ें
विश्व हिंदी दिवस: 'हिंदी न मिटी है न मिटेगी' जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 11, 2016
विश्व हिंदी दिवस है, यह महज एक दिवस नहीं बल्कि विश्व पटल पर यह दिखाने की कोशिश है कि हिंदी अभी मरी नहीं, जिंदा है। भारत में ही नहीं बल्कि विश्व के कई छोटे और बड़े देशों में भी हिंदी बोली, पढ़ी और सुनी जा रही है। हिंदी साहित्यों और फिल्मों का विदेश में निरंतर बड़ा होता बाजार इसका प्रमाण है। ....  लेख पढ़ें
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