Monday, 25 January 2021  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 
साहित्य
  • खबरें
  • लेख
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर संवादः भारत को वैश्विक ज्ञान की महाशक्ति बनाने की प्रतिबद्धता जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 21, 2021
शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति 2020 को एक भविष्यवादी मानसिकता के साथ लागू किया गया है, जिससे चुनौतियों को अवसरों में बदल दिया गया है. उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 के माध्यम से हम सब भारत को एक 'वैश्विक ज्ञान की महाशक्ति' के रूप में स्थापित करने हेतु प्रतिबद्ध भी हैं और सक्षम भी. ....  समाचार पढ़ें
साहित्य अकादेमी द्वारा फणीश्वरनाथ रेणु की जन्मशतवार्षिकी पर संगोष्ठी संपन्न जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 19, 2021
साहित्य अकादेमी ने प्रख्यात लेखक फणीश्वर नाथ रेणु की जन्मशतवार्षिकी के अवसर पर आज 18 जनवरी को एक संगोष्ठी का आयोजन आभासी मंच पर किया. संगोष्ठी का उद्घाटन वक्तव्य प्रख्यात कवि एवं आलोचक तथा साहित्य अकादेमी के महत्तर सदस्य विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने दिया. ....  समाचार पढ़ें
फारूक़ी के बिना उर्दू अदब अधूरा: साहित्य अकादेमी की श्रद्धांजलि सभा में गोपी चंद नारंग जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 08, 2021
साहित्य अकादेमी ने आज प्रख्यात उर्दू लेखक एवं समालोचक शमसुर्रहमान फ़ारूक़ी की स्मृति में आभासी मंच पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया, जिसमें देश के जाने-माने लेखकों और विद्वानों ने सहभागिता की। ....  समाचार पढ़ें
 उपराष्ट्रपति नायडू का वादा पूरा, भारतीय साहित्य की 10 महान कृतियों का चीनी, रूसी भाषा में अनुवाद पूर्ण जनता जनार्दन संवाददाता ,  Dec 01, 2020
शंघाई सहयोग सगठन (एससीओ) की आभासी बैठक के दौरान भारत के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने आधुनिक भारतीय साहित्य की 10 कालजयी कृतियों के चीनी तथा रूसी अनुवादों के पूर्ण होने की घोषणा की. यह घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय क्षेत्रीय साहित्य की इन अद्वितीय कृतियों के चीनी तथा रूसी भाषाओं में अनुवाद से भारत की प्राचीन और समृद्ध भारतीय सांस्कृतिक विरासत में दूसरे देशों के लोगों की व्यापक रुचि उत्पन्न होगी. ....  समाचार पढ़ें
मुंशी प्रेमचंद की याद में सच की दस्तक ने कराया कांफ्रेंस अमिय पाण्डेय ,  Jul 31, 2020
साहित्य के शिखर पुरुष मुंशी प्रेमचंद के जन्मदिन पर सच की दस्तक के तत्वाधान में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।संगोष्ठी में भाग लेते हुए प्रसिद्ध रंगकर्मी,साहित्यकार कृष्ण कांत श्रीवास्तव ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद  के लिए उनकी पुस्तकों की पाठशाला में पढ़ना जरूरी है ।उनके मानसरोवर में डूब कर यह समझना जरूरी है कि यथार्थ क्या होता है, त्रासदी क्या होती है ?उन्होंने अपनी जिंदगी में जो कुछ भी लिखा वह कल्पना नहीं थी बल्कि जो उन्होंने देखा उसी को लिखा ।सामाजिक बुराइयों को मुंशी प्रेमचंद ने पहले ही भांप लिया था और उसी पर अपनी लेखनी चलाई थी ।उन्होंने दशकों पहले जो अपनी लेखनी के माध्यम से ....  समाचार पढ़ें
कोरोना काल में पत्रिका का प्रकाशन एक अति प्रशंसनीय प्रयास: कृष्णकांत श्रीवास्तव अमिय पाण्डेय ,  May 22, 2020
कोरोना काल में कला साहित्य संस्कृति वह सामाजिक सरोकार की मासिक पत्रिका सच की दस्तक का प्रकाशित संयुक्तांक एक अति प्रशंसनीय प्रयास है ।इस प्रकाशन के लिए पत्रिका के संरक्षक सम्पादक सहित समस्त सहयोगी बधाई के पात्र हैं ।मैं इनकी उत्तर उत्कर्ष की कामना करता हूं । उक्त बातें नगर के वरिष्ठ रंगकर्मी व कलम चलती रहे पुस्तक के लेखक कृष्णकांत श्रीवास्तव ने एकल लोकार्पण करते हुए अभिव्यक्त किया ।उन्होंने बताया कि कोविड-19 विश्वव्यापी बीमारी में सामाजिक एवं भौतिक ....  समाचार पढ़ें
मैथिली भाषा के साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार तथा बाल साहित्य पुरस्कार-2019 घोषित अजय पुंज ,  Jul 13, 2019
साहित्य अकादेमी मैथिली भाषा में अमित पाठक कृत राग-उपराग (कविता) पुस्तक को वर्ष 2019 का साहित्य अकादेमी युवा पुरस्कार और ऋषि बशिष्ठ कृत ई फूलक गुलदस्ता (कथा-संग्रह) को बाल साहित्य पुरस्कार देने की घोषणा करती है। ....  समाचार पढ़ें
शिव का संदेश था कि केदारनाथ में मंदिर के सिवा कुछ और नहीं: पत्रकार मंजीत नेगी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 11, 2019
केदारनाथ हिंदुओं के चार धाम में एक धाम है. वहां की यात्रा बहुत दुर्गम है. साल 2013 में वहां एक ऐसी आपदा घटी, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया. आजतक के पत्रकार मंजीत नेगी ने केदारनाथ हादसे की आंखोंदेखी रिपोर्टिंग की और पुनर्निर्माण के दौरान भी वह लगातार केदारनाथ जाते रहे. फिर अपने अनुभवों पर उन्होंने एक किताब लिखी, नाम रखा 'केदारनाथ से साक्षात्कार.' ....  समाचार पढ़ें
'गांधी की परिकल्पना का भारत' विषय पर परिचर्चा एवं कविता पाठ से झूम उठा बेगूसराय साहित्य-प्रेमी समुदाय जनता जनार्दन संवाददाता ,  Oct 05, 2018
विप्लवी पुस्तकालय, प्रलेस बेगूसराय एवं नीलांबर कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में पिछले दिनों गोदरगावां के चर्चित विप्लवी पुस्तकालय में 'गांधी की परिकल्पना का भारत' विषय पर परिचर्चा एवं कविता पाठ का शानदार आयोजन किया गया. ....  समाचार पढ़ें
शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने से बच्चों में हीनभावना: हिंदी दिवस पर उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 14, 2018
उपराष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने प्राथमिक शिक्षा का माध्यम मातृभाषा बनाने पर जोर दिया और कहा है कि शिक्षा का माध्यम अंग्रेजी होने के कारण बच्चों में आत्मविश्वास की कमी और हीनभावना पनपती है। ....  समाचार पढ़ें
साहित्यकार भी, समाजसेवी भी और सबसे बढ़कर मां: महाश्वेता देवी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 14, 2019
आज महाश्वेता का जन्मदिन है. अगर वह जिंदा होतीं, तो 93 की होतीं. अपने नाम की ही तरह साफ, उजली और सफ्फ़ाक. उन्होंने ताउम्र लेखन व संघर्ष उनके लिए किया जो जूझ रहे थे अपनी पहचान के लिए. इसीलिए वह बड़ी साहित्यकार थीं. शिक्षक भी समाजसेवी भी. किसी एक खांचे में उन्हें अलग करना मुश्किल है. वह मां थी, एक दो की नहीं हजार चौरासी की मां... अनगिनत की मां. ....  लेख पढ़ें
वाजपेयी ने मौत की आंखों में झांककर लिखी थी कविताएं जनता जनार्दन डेस्क ,  Aug 17, 2018
पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी जितने राजनेता के रूप में सराहे गए उससे कहीं ज्यादा अपनी कविताओं के लिए चर्चित रहे। वाजपेयी ने कई दफे अभिव्यक्ति के लिए कविता को माध्यम बनाया। वर्ष 1988 में जब वह किडनी के इलाज के लिए अमेरिका गए तो प्रसिद्ध साहित्यकार धर्मवीर भारती को पत्र लिखा। ....  लेख पढ़ें
विश्व पुस्तक व कॉपीराइट दिवस विशेष:दुनिया को जोड़तीं हैं किताबें ब्लॉगर आकांक्षा सक्सेना ,  Apr 23, 2018
साथियों हमारे देश को विश्वगुरू इसलिए कहा जाता है कि हमारे देश की नींव प्रेम, सम्मान, ज्ञान और विज्ञान के प्रतीक महान वेदों, पुराणों, श्री रामायण,श्री भगवद्गीता, महाभारत, श्रीभागवत् महापुराण, कुरान,बाईविल, जेंद आवेस्ता वस्ता, गुरू ग्रंथ साहिब जैसे ज्ञान, वैराग्य, प्रेम, शांति और जीवन आनंद के कभी न खत्म होने वाले अनमोल खजानों से ....  लेख पढ़ें
'घर की औरतें और चांद': रेणु शाहनवाज़ हुसैन के काव्य संग्रह पर एक चर्चा विम्मी करण सूद ,  Nov 17, 2017
'जैसे' और 'पानी प्यार' के बाद रेणु शाहनवाज़ हुसैन का अगला काव्य संग्रह आने को तैयार है जिसका नाम है 'घर की औरतें और चांद' । हाल ही में रेणु ने 'द रायसन्स' में इस संग्रह में से कुछ कविताएं दोस्तों के बीच साझी कीं। चांद यूं तो प्यार, महबूब का प्रतीक है पर रेणु का चांद उस मरकरी की तरह है जो कल्पना के सांचे में ढलकर वही रूप अख्तियार कर लेता है जो घर की औरतें देखना चाहती हैं… ....  लेख पढ़ें
हमारे जीवनादर्श राम-कृष्ण काल्पनिक नहीं: समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक आख्यान, बहसः भाग-3 जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 02, 2017
धर्म मनुष्यता का बोध है, वैश्विक चेतना का विस्तार है। जब कामायनी में मनु महाराज के अवतरण के बाद उन्हें जीवन का उद्देश्य बताया गया, तो प्रसाद लिखते हैं- औरों को हँसते देखो मनु, हंसो और सुख पाओ/ अपने सुख को विस्तृत कर लो, जग को सुखी बनाओ। वास्तव में यह कर्तव्य बोध ही धर्म है। पर आधुनिक विमर्श में मनु खलनायक बना दिए गए हैं और दुर्गा सप्तशती के महिषासुर वध को महिषासुर बलिदान बनाकर महिमामण्डित किया जाता है। ....  लेख पढ़ें
हिंदी में रामकथा लेखक, अंग्रेज़ी में सुपरस्टारः समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक आख्यान, बहसः भाग-2 जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 29, 2017
पिछली कड़ी में हमने हिंदी के युवा और बहुचर्चित आलोचक अनंत विजय के लेख 'हिंदी में मिथकों से परहेज क्यों?' का संदर्भ देते हुए व्हाट्सएप के लब्धप्रतिष्ठित 'साहित्य' समूह में चली का जिक्र किया था. इस समूह में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित विद्वतजनों का अच्छाखासा समूह सक्रिय है, जिनमें साहित्यकार, संपादक, पत्रकार, लेखक, प्राध्यापक, निर्देशक, समीक्षक सभी शामिल हैं. ....  लेख पढ़ें
समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक बनाम मिथ आख्यान, बहसः भाग-1 जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 22, 2017
साहित्य जगत में इन दिनों अमिष त्रिपाठी की किताब 'सीता, द वॉरियर ऑफ मिथिला', को लेकर उत्सुकता का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी इस किताब को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लेखक अमिष त्रिपाठी के साथ घंटेभर की बातचीत इस किताब को केंद्र में रखकर की। दोनों की इस बातचीत को फेसबुक पर हजारों लोगों ने देखा। ....  लेख पढ़ें
हिंदी को तकनीक के असर से बचाने की पहल जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 04, 2017
बदलते दौर में आम आदमी की जिंदगी का हिस्सा बन गई है तकनीक. इससे जहां सुविधाएं पाना आसान हो रहा है तो वहीं भाषा भी इसके असर से बच नहीं पा रही है, इससे भाषा के हिमायती चिंतित हैं. उन्हें लगता है कि किताबों का दूर होना और तकनीक का हावी होना भाषा को कमजोर कर रहा है, लिहाजा भाषा (हिंदी) समृद्ध रहे, इसके लिए मध्यप्रदेश की राजधानी में एक पुस्तकालय शुरू किया गया है. ....  लेख पढ़ें
चाहिए! एक अदद संपादक ... प्रभु झिंगरन ,  Jun 20, 2016
काफी हाउस के पास की दुकान से चने का सत्तू खरीदने गया, तो जिस कागज की थैली में मंगलू भड़भूजे ने सत्तू दिया, अखबारी कागज से बनी उस थैली पर छपा मुझे यह विज्ञापन दिखाई दे गया। इस विज्ञापन को यहां पर ज्यों का त्यों दे रहा हूं, हो सकता है कि किसी बेरोजगार, कुंठित या महत्वाकांक्षी पत्रकार भाई के काम आ जाये। ....  लेख पढ़ें
विश्व हिंदी दिवस: 'हिंदी न मिटी है न मिटेगी' जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 11, 2016
विश्व हिंदी दिवस है, यह महज एक दिवस नहीं बल्कि विश्व पटल पर यह दिखाने की कोशिश है कि हिंदी अभी मरी नहीं, जिंदा है। भारत में ही नहीं बल्कि विश्व के कई छोटे और बड़े देशों में भी हिंदी बोली, पढ़ी और सुनी जा रही है। हिंदी साहित्यों और फिल्मों का विदेश में निरंतर बड़ा होता बाजार इसका प्रमाण है। ....  लेख पढ़ें
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल