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'साहित्य और पर्यावरण' पर 'रेखना मेरी जान' के संदर्भ में रत्नेश्वर सिंह और मनीषा कुलश्रेष्ठ की खास चर्चा जय प्रकाश पाण्डेय ,  Jan 11, 2018
मुझे यह कहने में कत्तई संकोच नहीं कि 'रेखना मेरी जान' पढ़ते समय आपको यह किताब बेशकीमती मालूम होगी. किसी शब्दचित्र, इतिहास और साइंस फिल्म की तरह यह आपको आर्कटिक से बंगलादेश तक, प्रेम से बिछोह तक, अमीरी से गरीबी तक, निर्माण से ध्वंस तथा साइंस से प्रकृति और मानवीय संवेदना से जोड़ती है. ....  समाचार पढ़ें
लोकतंत्र में हिंसक विरोध की परिपाटी स्वीकार्य नहींः टाइम्स लिटरेचर फेस्टिवल में उपराष्ट्रपति जनता जनार्दन संवाददाता ,  Nov 26, 2017
किसी भी मसले पर कहीं भी कभी भी धार्मिक भावनाओं के आहत होने के नाम पर विरोध की बढ़ती प्रवृत्ति पर कटाक्ष करते हुए उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि पहले विरोध किया जाता है, लेकिन कुछ लोग इस दौरान सीमा पार कर जाते हैं और इनामों के ऐलान करने लगते हैं। ....  समाचार पढ़ें
लखनऊ में हुई हिंदी बेस्ट सेलर की दूसरी सूची की घोषणा जनता जनार्दन संवाददाता ,  Nov 04, 2017
तीन दिवसीय अभिव्यक्ति के उत्सव 'दैनिक जागरण संवादी' में दैनिक जागरण और नील्सन बुक स्कैन की दूसरी हिंदी बेस्टसेलर सूची की घोषणा उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, विश्वनाथ तिवारी, अध्यक्ष, साहित्य अकादमी और जागरण प्रकाशन के सीईओ और प्रधान संपादक श्री संजय गुप्त द्वारा भारतेंदु नाट्य अकादेमी, लखनऊ में किया गया. यह हिंदी बेस्टसेलर आंकड़े जुलाई से सितंबर के बीच के हैं जो की दैनिक जागरण और नील्सन बुक स्कैन द्वारा हर तीन महीने में जारी किये जाते हैं . ....  समाचार पढ़ें
प्रेमचंद मूल रूप से उर्दू के लेखक, उन्हें हिंदी के संस्कार आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी से मिले: डॉ केके गोयनका जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 24, 2017
"प्रेमचंद मूल रूप से उर्दू के लेखक थे, उन्हें हिंदी के संस्कार सिखाने वाले आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी ही थे। हिंदी भाषा को मानक रूप देने में आचार्य द्विवेदी का महत्वपूर्ण योगदान रहा और उन्होंने ही प्रेमचंद के बलिदान और पंच परमेश्वर का संशोधन किया था। ....  समाचार पढ़ें
'माँ मुझे आँचल दो' का लोकार्पण हिन्दी भवन में हुआ जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 10, 2017
दिल्ली के प्रसिद्ध सूर्य प्रभा प्रकाशन के तत्वावधान में बंगला की सुप्रसिद्ध लेखिका माधवी विश्वास द्धारा रचित उपन्यास "माँ मुझे आँचल दो" का लोकार्पण हिन्दी भवन नई दिल्ली में पूरे साहित्यिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। पदमश्री डा.श्याम सिंह शशि के मुख्य आतिथ्य, राष्ट्रीय गीतकार डा. जयसिंह आर्य के सान्निध्य व अध्यक्ष महेश चन्द्र शर्मा पूर्व महापौर दिल्ली व आलोचक डा. नृत्य गोपाल व डा. नीलम राठी ने पुस्तक पर चर्चा की. ....  समाचार पढ़ें
तो राष्ट्रवादी सरकार ने घुटने टेक ही दिए, कहा केंद्र का हिंदी थोपने का कोई विचार नहीं जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 26, 2017
राष्ट्रवाद और राष्ट्रीय संस्कृति की सरंक्षा का ढिंढोरा पीटने और हर दम हिन्दी - हिन्दी चिल्लाने वाली सरकार ने अंततः अंगरेजी प्रभुत्त्ववर्ग के दबाव में घुटने टेक ही दिए. सरकार ने बाकायदा बयान जारी कर हिन्दी को तरजीह देने वाली राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी की कोशिशों से किनारा कर लिया है ....  समाचार पढ़ें
जय हो! राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दूसरे सभी मंत्री अब हिंदी में बोलेंगे जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 17, 2017
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने 'आधिकारिक भाषाओं पर संसद की समिति' की इस सिफारिश को 'स्वीकार' कर लिया है कि राष्ट्रपति और ऐसे सभी मंत्रियों और अधिकारियों को हिंदी में ही भाषण देना चाहिए और बयान जारी करने चाहिए, जो हिंदी पढ़ और बोल सकते हों. ....  समाचार पढ़ें
गोवा में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन जनता जनार्दन संवाददाता ,  Apr 07, 2017
हेल्पफुल ऑर्गनाइजेशन फॉर लाइकमाइंडेड इंडियंस की तरफ से आगामी दस अप्रैल को कला अकादमी, पणजी गोवा में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया है. कवि सम्मेलन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर और विशिष्ट अतिथि के रूप में राज्य के कला और संस्कृति मंत्री गोविंद गावड़े और गोवा के विधायक सिद्धार्थ कुनकलिनकर मौजूद रहेंगे. ....  समाचार पढ़ें
अभिनव अरुण के दो संग्रहों का लोकार्पण 2 अप्रैल को जनता जनार्दन संवाददाता ,  Mar 30, 2017
समकालीन कविता और ग़ज़ल के सशक्त हस्ताक्षर अभिनव अरुण के दूसरे ग़ज़ल संग्रह ''बादल बंद लिफ़ाफ़े हैं '' एवं प्रथम काव्य संग्रह ''मांद से बाहर '' का लोकार्पण समारोह रविवार, दिनांक 2 अप्रैल 2017 को इलाहाबाद स्थित हिन्दुस्तानी अकादमी सभागार सिविल लाइन में होगा. ....  समाचार पढ़ें
नदी की तरह हमें समाज हित में कार्य करना चाहिएः डा शशीकांत सैईकिया राजु मिश्रा ,  Mar 19, 2017
हमें पूरी लगन से कार्य करते रहना चाहिए. कोशिश करते रहने से सफलता मिलना निश्चित है, कार्य से ही हमारा जीवन सार्थक होगा. मोरान शाखा चाय मजदुर संघ प्रेक्षागृह में आयोजित ग्रंथ विमोचन सभा में डिब्रुगढ़ के कानोई महाविद्यालय के अध्यक्ष डा. शशीकांत सैईकिया ने उक्त बाते कहीं. ....  समाचार पढ़ें
'घर की औरतें और चांद': रेणु शाहनवाज़ हुसैन के काव्य संग्रह पर एक चर्चा विम्मी करण सूद ,  Nov 17, 2017
'जैसे' और 'पानी प्यार' के बाद रेणु शाहनवाज़ हुसैन का अगला काव्य संग्रह आने को तैयार है जिसका नाम है 'घर की औरतें और चांद' । हाल ही में रेणु ने 'द रायसन्स' में इस संग्रह में से कुछ कविताएं दोस्तों के बीच साझी कीं। चांद यूं तो प्यार, महबूब का प्रतीक है पर रेणु का चांद उस मरकरी की तरह है जो कल्पना के सांचे में ढलकर वही रूप अख्तियार कर लेता है जो घर की औरतें देखना चाहती हैं… ....  लेख पढ़ें
हमारे जीवनादर्श राम-कृष्ण काल्पनिक नहीं: समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक आख्यान, बहसः भाग-3 जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 02, 2017
धर्म मनुष्यता का बोध है, वैश्विक चेतना का विस्तार है। जब कामायनी में मनु महाराज के अवतरण के बाद उन्हें जीवन का उद्देश्य बताया गया, तो प्रसाद लिखते हैं- औरों को हँसते देखो मनु, हंसो और सुख पाओ/ अपने सुख को विस्तृत कर लो, जग को सुखी बनाओ। वास्तव में यह कर्तव्य बोध ही धर्म है। पर आधुनिक विमर्श में मनु खलनायक बना दिए गए हैं और दुर्गा सप्तशती के महिषासुर वध को महिषासुर बलिदान बनाकर महिमामण्डित किया जाता है। ....  लेख पढ़ें
हिंदी में रामकथा लेखक, अंग्रेज़ी में सुपरस्टारः समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक आख्यान, बहसः भाग-2 जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 29, 2017
पिछली कड़ी में हमने हिंदी के युवा और बहुचर्चित आलोचक अनंत विजय के लेख 'हिंदी में मिथकों से परहेज क्यों?' का संदर्भ देते हुए व्हाट्सएप के लब्धप्रतिष्ठित 'साहित्य' समूह में चली का जिक्र किया था. इस समूह में देश के सर्वाधिक प्रतिष्ठित विद्वतजनों का अच्छाखासा समूह सक्रिय है, जिनमें साहित्यकार, संपादक, पत्रकार, लेखक, प्राध्यापक, निर्देशक, समीक्षक सभी शामिल हैं. ....  लेख पढ़ें
समकालीन हिंदी लेखन व पौराणिक बनाम मिथ आख्यान, बहसः भाग-1 जनता जनार्दन संवाददाता ,  May 22, 2017
साहित्य जगत में इन दिनों अमिष त्रिपाठी की किताब 'सीता, द वॉरियर ऑफ मिथिला', को लेकर उत्सुकता का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी इस किताब को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लेखक अमिष त्रिपाठी के साथ घंटेभर की बातचीत इस किताब को केंद्र में रखकर की। दोनों की इस बातचीत को फेसबुक पर हजारों लोगों ने देखा। ....  लेख पढ़ें
हिंदी को तकनीक के असर से बचाने की पहल जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 04, 2017
बदलते दौर में आम आदमी की जिंदगी का हिस्सा बन गई है तकनीक. इससे जहां सुविधाएं पाना आसान हो रहा है तो वहीं भाषा भी इसके असर से बच नहीं पा रही है, इससे भाषा के हिमायती चिंतित हैं. उन्हें लगता है कि किताबों का दूर होना और तकनीक का हावी होना भाषा को कमजोर कर रहा है, लिहाजा भाषा (हिंदी) समृद्ध रहे, इसके लिए मध्यप्रदेश की राजधानी में एक पुस्तकालय शुरू किया गया है. ....  लेख पढ़ें
चाहिए! एक अदद संपादक ... प्रभु झिंगरन ,  Jun 20, 2016
काफी हाउस के पास की दुकान से चने का सत्तू खरीदने गया, तो जिस कागज की थैली में मंगलू भड़भूजे ने सत्तू दिया, अखबारी कागज से बनी उस थैली पर छपा मुझे यह विज्ञापन दिखाई दे गया। इस विज्ञापन को यहां पर ज्यों का त्यों दे रहा हूं, हो सकता है कि किसी बेरोजगार, कुंठित या महत्वाकांक्षी पत्रकार भाई के काम आ जाये। ....  लेख पढ़ें
विश्व हिंदी दिवस: 'हिंदी न मिटी है न मिटेगी' जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 11, 2016
विश्व हिंदी दिवस है, यह महज एक दिवस नहीं बल्कि विश्व पटल पर यह दिखाने की कोशिश है कि हिंदी अभी मरी नहीं, जिंदा है। भारत में ही नहीं बल्कि विश्व के कई छोटे और बड़े देशों में भी हिंदी बोली, पढ़ी और सुनी जा रही है। हिंदी साहित्यों और फिल्मों का विदेश में निरंतर बड़ा होता बाजार इसका प्रमाण है। ....  लेख पढ़ें
हिन्दी को कोई रोक नहीं सकता: सऊदी अरब के हिन्दी सेवी मोहम्मद इस्माइल श्याम नन्दन ,  Oct 24, 2015
सऊदी अरब में हिन्दी भाषा की सेवा करने के लिए मोहम्मद इस्माइल को 10वें विश्व हिन्दी सम्मेलन में 'विश्व हिन्दी सम्मान' से सम्मानित किया गया है. खाड़ी देशों में हिन्दी की स्थिति और भविष्य पर उनसे बातचीत किया श्याम नन्दन ने ....  लेख पढ़ें
हिन्दी के प्रसार में सबसे ज्यादा योगदान फिल्मों का हैः श्रीलंका की इन्द्रा दसनायके से बातचीत श्याम नन्दन ,  Oct 18, 2015
श्रीलंका के एक विश्वविद्यालय में हिन्दी भाषा की सहायक प्राध्यापिका हैं इन्द्रा दसनायके. श्रीलंका में हिन्दी भाषा के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन में आपको 'विश्व हिन्दी सम्मान' से सम्मानित किया गया है. हिन्दी के आज और कल पर उनसे बातचीत किया श्याम नन्दन ने... ....  लेख पढ़ें
'हिन्दी भाषा: वर्तमान स्थिति एवं भविष्य': साक्षात्कार- केशरी नाथ त्रिपाठी श्याम नन्दन ,  Oct 13, 2015
भारत की अन्य भाषाओं से सामंजस्य बनाने में हिन्दी की बहुत ही सार्थक भूमिका है। हिन्दी का, किसी भी भाषा से कोई द्वेष नहीं हैं। ये बात बार-बार कही गई है लेकिन कुछ प्रदेशों को छोड़कर, केवल क्षेत्रीय कारणों से, क्षेत्रीय महत्वकांक्षाओं के कारण, लोग हिन्दी को स्थापित नहीं करना चाहते हैं, किन्तु विरोध का वह भाव भी अब समाप्त हो चुका है। ....  लेख पढ़ें
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