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विधि एवं न्याय
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कोरेगांव-भीमा हिंसा मामलाः उच्चतम न्यायालय ने कार्यकर्ताओं की नजरबंदी की अवधि 17 सितंबर तक बढ़ाई जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 12, 2018
उच्चतम न्यायालय ने कोरेगांव-भीमा हिंसा मामले के संबंध में गिरफ्तार किये गये पांच कार्यकर्ताओं की घरों में नजरबंदी की अवधि बुधवार को 17 सितंबर तक के लिये बढ़ा दी। ....  समाचार पढ़ें
सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद समलैंगिकता भले ही अपराध नहीं, पर समलिंगी विवाहों को मान्यता दूर जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 08, 2018
सुप्रीम कोर्ट ने भले ही समलैंगिकता को धारा 377 से हटाकर अपराध की श्रेणी से अलग करने का फैसला सुना दिया हो, पर ऐसी शादियों को कनूनी मान्यता शायद अभी नहीं मिलेगी. भाजपा के शीर्ष संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रुख से यह साफ है. आरएसएस ने एक बयान जारी कर इस मुद्दे पर अपना रुख साफ कर दिया. ....  समाचार पढ़ें
परस्पर सहमति से समलैंगिक यौन संबंध अपराध नहीं: उच्चतम न्यायालय जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 06, 2018
उच्चतम न्यायालय की पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने गुरूवार को एकमत से 158 साल पुरानी भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के उस हिस्से को निरस्त कर दिया जिसके तहत परस्पर सहमति से अप्राकृतिक यौन संबंध बनाना अपराध था। न्यायालय ने कहा कि यह प्रावधान संविधान में प्रदत्त समता के अधिकार का उल्लंघन करता है। ....  समाचार पढ़ें
पुलिस ऐसा कैसे कर सकती है? बंबई उच्च न्यायालय ने अदालती मामले में पत्रकारवार्ता करने पर लगाई लताड़ जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 03, 2018
'पुलिस ऐसा कैसे कर सकती है? मामला विचाराधीन है. उच्चतम न्यायालय मामले पर विचार कर रहा है. ऐसे में मामले से संबंधित सूचनाओं का खुलासा करना गलत है.' ....  समाचार पढ़ें
भीमा कोरेगांव हिंसा केस: बड़े दावे करने वाली पुना पुलिस को चार्जशीट के लिए चाहिए और 90 दिन जनता जनार्दन संवाददाता ,  Sep 02, 2018
भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में यलगार परिषद की भूमिका की जांच कर रही पुने पुलिस ने देश भर से वामपंथी विचारकों को गिरफ्तार कर अंतरिम ही सही सुप्रीम कोर्ट से मुंह की खाने के बाद अब आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने के लिए पुने सेशन कोर्ट से 90 दिन यानी 3 महीने का समय मांगा है, जो उन्हें अदालत से मिल गया है. ....  समाचार पढ़ें
असहमति प्रजातंत्र का सेफ्टीवॉल्व है, अगर आपने रोका तो फटेगा, सर्वोच्च न्यायालय ने वामपंथी विचारकों को जेल भेजने से रोका जनता जनार्दन संवाददाता ,  Aug 29, 2018
सुप्रीम कोर्ट ने आज वामपंथी विचारकों की गिरफ्तारी पर सरकार को जमकर लताड़ लगाते हुए कहा है कि मंगलवार को गिरफ़्तार किए गए पाँच मानवाधिकार कार्यकर्ताओं को फ़िलहाल रिमांड पर नहीं भेजा जाएगा. कोर्ट ने कहा है कि अगली सुनवाई होने तक इन सभी लोगों को घर में नज़रबंद रखा जाए. ....  समाचार पढ़ें
अनिल अंबानी ने नेशनल हेराल्ड के खिलाफ 5000 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा किया दायर जनता जनार्दन संवाददाता ,  Aug 26, 2018
अनिल अंबानी की रिलायंस समूह की कंपनियों ने कांग्रेस के स्वामित्व वाले 'नेशनल हेराल्ड' के खिलाफ 5000 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा दायर किया है. कंपनी ने दावा किया है कि अखबार में राफेल विमान सौदे को लेकर प्रकाशित एक लेख 'मानहानिकारक' और 'अपमानजनक' है. ....  समाचार पढ़ें
तमिलनाडु के मुल्लापेरियार बांध के चलते केरल में आई बाढ़, पुनर्वास राहत कार्य जारी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Aug 24, 2018
उच्चतम न्यायालय ने केरल में आयी भयंकर बाढ़ के मद्देनजर मुल्लापेरियार बांध के जलाशय में जलस्तर को 30 अगस्त तक 139 फुट पर बनाए रखने का आज आदेश दिया। केरल में बाढ़ का पानी कम होने के बाद अब ध्यान राहत शिविरों में रह रहे 10.40 लाख से ज्यादा लोगों की देखभाल करने और उनके पुनर्वास पर है जिनके घर इस विनाशकारी बारिश में क्षतिग्रस्त हो गए। ....  समाचार पढ़ें
सुप्रीम कोर्ट ने 2007 के भड़काऊ भाषण मामले में पूछा कि योगी पर क्यों न चले मुकदमा? जनता जनार्दन संवाददाता ,  Aug 20, 2018
भड़काऊ भाषण के 11 साल पुराने मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत पा चुके उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस कथित भड़काऊ भाषण के मामले में उत्तर-प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है और पूछा है कि योगी आदित्यनाथ के खिलाफ केस क्यों न चलाया जाए? ....  समाचार पढ़ें
लेफ्ट, राइट, सेंटर हर जगह रेप हो रहे हैं, देश में ये चल क्या रहा है? नाराज उच्चतम न्यायालय की तल्ख टिप्पणी जनता जनार्दन संवाददाता ,  Aug 07, 2018
उच्चतम न्यायालय ने देश में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं पर मंगलवार को गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि जिधर देखो, उधर ही, महिलाओं का बलात्कार हो रहा है. कोर्ट ने बिहार सरकार को फटकार लगाते हुए कहा, 'लेफ्ट, राइट, सेंटर... हर जगह रेप हो रहे हैं. देश में ये चल क्या रहा है? ....  समाचार पढ़ें
विकृत समाज: भारत में मानव समाज का अस्तित्व डॉ० रवि प्रकाश श्रीवास्तव ,  Jul 26, 2018
सामाजिक व्यवस्था के विकास में वेदों की भूमिका महत्वपूर्ण है। वर्ण का परिचय ऋग्वेद के 10 वें मंडल से प्रारम्भ होता है, जिसमें यह उदघोषित किया गया है कि ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैष्य और शूद्र सृष्टि के समय परम पुरुष ब्रह्मा के क्रमषः मुख, भुजाओं, जंघा तथा चरणों से प्रकट हुए। विधिवेत्ताओं की दृष्टि में प्रत्येक वर्ण के लिये उत्तरदा ....  लेख पढ़ें
भारत में विचाराधीन कैदियों की संख्या बारबाडोस की आबादी के बराबर जनता जनार्दन डेस्क ,  Oct 19, 2016
भारतीय जेलों में विचाराधीन कैदियों 282,879 की संख्या कैरेबियाई देश बारबाडोस की जनसंख्या के बराबर है। उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण समस्या की गंभीरता को स्पष्ट करता है। 2010 और 2014 के बीच 25 प्रतिशत विचाराधीन कैदियों को एक साल से अधिक समय तक कैद करके रखा गया है। ....  लेख पढ़ें
गुलबर्ग जनसंहार: 14 वर्षो तक लड़ी इंसाफ की लड़ाई जनता जनार्दन डेस्क ,  Jun 03, 2016
गुजरात राज्य के अहमदाबाद शहर के चमनपुरा इलाके में अपने हाल पर छोड़ी गई गुलबर्ग सोसाइटी की जर्जर व जली दीवारें उन परिवारों की न्याय की दुखद लड़ाई की मूक गवाह हैं, जिन्होंने 27 फरवरी, 2002 के गोधरा ट्रेन कांड के एक दिन बाद एक जनसंहार में अपना सब कुछ खो दिया। ....  लेख पढ़ें
लखनऊ हाईकोर्ट बेंच की शानदार बिल्डिंग, जानिए खासियत जनता जनार्दन संवाददाता ,  Mar 19, 2016
लखनऊ में बनकर तैयार हुआ है, देश का सबसे खूबसूरत हाईकोर्ट. 2012 में शुरु हुई हाईकोर्ट की बिल्डिंग को बनाने में 1300 करोड़ रुपए खर्च हुए। शुरुआती बजट 700 करोड़ था। इसे बनने में तीन साल लगे. इस हाईकोर्ट परिसर में ही माननीय जजों को तनाव से बचाने के लिए फिजियोथैरेपी सेंटर की भी व्यवस्था की गई है. ....  लेख पढ़ें
किशोर न्याय विधेयक-2015 को लेकर बंटा सा दिख रहा है समाज जनता जनार्दन डेस्क ,  Dec 26, 2015
किशोर न्याय विधेयक-2015 के राज्यसभा में पारित होने पर देश दो हिस्सों में बंट गया है। समाज का एक वर्ग इसके पक्ष में है जबकि दूसरा तमाम तरह की खामियां गिनाकर इसका विरोध कर रहा है। दंड या सजा का प्रावधान का मकसद मुख्य रूप से कानून तोड़ने वाले को सुधारना होता है लेकिन कई मामलों में कानून तोड़ने या अपराध करने वाला व्यक्ति सजा के दौरान सुधरने की बजाय और बिगड़ जाता है। कई मामलों में सजायाफ्ता कैदी समाज के लिए खतरा बनकर जेल से रिहा हुए हैं। अब यह चर्चा हो रही है कि आखिरकार ऐसे कैदियों या सजायाफ्ता लोगों से कानून किस तरह से निपटे। ....  लेख पढ़ें
महमूदाबाद कोतवाली में हुई ज़ीनत की मौत प्रकरण पर जांच रिपोर्ट शाहनवाज आलम ,  Aug 25, 2015
घटना 11 अगस्त 2015, दिन मंगलवार को कोतवाली महमूदाबाद, सीतापुर में जीनत नाम की 18 वर्षीय लड़की की थाने के टाॅयलेट में कथित तौर पर फांसी लगा लेने की बात सामने आई। जिसमें पुलिस की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए स्थानीय लोगों ने पुलिस पर हत्या का आरेप लगाते हुए प्रदर्शन किया जिसमें नदीम नाम के युवक की पुलिस की गोली से मौत हो गई। ....  लेख पढ़ें
हिट एंड रन मामला: 13 वर्षो के घटनाक्रम जनता जनार्दन डेस्क ,  May 06, 2015
बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता सलमान खान को एक स्थानीय अदालत ने 2002 के हिंट एंड रन मामले में बुधवार को पांच साल कैद की सजा सुनाई है। हिट एंड रन मामले में 13 साल बाद फैसला हुआ है।इस मामले के मुख्य घटना क्रम निम्न प्रकार हैं। -छह मई 2015 : अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डी.वी. देशपांडे ने सलमान को 2002 के हिंट एंड रन मामले में दोषी करार दिया और पांच साल कैद की सजा सुनाई। ....  लेख पढ़ें
वाकई, मॉल के पास तक ही रहता है संविधान का राज बी.पी.गौतम ,  Mar 15, 2015
फिल्में सिर्फ मनोरंजन भर का साधन नहीं हैं। आंदोलन का भी माध्यम हैं फिल्में। देश और समाज की दशा प्रदर्शित कर सामाजिक परिवर्तन में बड़ी सहायक रही हैं फिल्में। दलितों और महिलाओं के साथ पिछड़े वर्ग की सोच बदलने में फिल्मों की भूमिका अहम रही है। हाल-फिलहाल एनएच- 10 नाम की फिल्म चर्चा में है। ....  लेख पढ़ें
साख पर सवाल अनंत विजय ,  Aug 17, 2013
लोकतंत्र के इस संक्रमण काल में देश की संवैधानिक संस्थाएं एक एक करके राजनेताओं की कारगुजारियों की शिकार हो रही है । इस माहौल में भी देश की न्यायपालिका और न्यायमूर्तियों में देश का भरोसा बरकरार है । निचली अदालतों में भ्रष्टाचार की बातें गाहे बगाहे समाने आती रहती हैं लेकिन हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट को अब भी कमोबेश भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद से मुक्त माना जाता है । कोई भी संस्थान को जनता का यह भरोसा जीतने में सालों लग जाते हैं, पीढियां गुजर जाती है । लेकिन हाल के दिनों में जिस तरह से देश के सर्वोच्च न्यायालय और चीफ जस्टिस के बारे में खबरें छप रही हैं वो बेहद चिंता जनक हैं । ....  लेख पढ़ें
जाति ही पूछो साधु की आशुतोष ,  Jul 15, 2013
पिछले दिनों इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जातिवादी रैलियों पर रोक लगा दी। अदालत का सोचना है कि ऐसी रैलियों में दूसरी जातियों के खिलाफ नफरत फैलायी जाती है। जिससे समाज में टूटन पैदा होती है। ....  लेख पढ़ें
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क्या बलात्कार जैसे घृणित अपराध का धार्मिक, जातीय वर्गीकरण होना चाहिए?

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