Saturday, 24 August 2019  |   जनता जनार्दन को बुकमार्क बनाएं
आपका स्वागत [लॉग इन ] / [पंजीकरण]   
 
शिक्षा
स्कूल में सम-विषम की तर्ज पर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई! जनता जनार्दन डेस्क ,  Feb 01, 2016
दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण करने के लिए दिल्ली सरकार ने वाहनों के रजिस्ट्रेशन संख्या के आधार पर सम-विषम की व्यवस्था लागू की थी लेकिन यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि बिहार के सारण जिले के एक स्कूल में पढ़ाई के लिए भी इसी तर्ज यानी एक दिन लड़के और एक दिन लड़कियों की पढ़ाई होती है। ....  लेख पढ़ें
रोहित वेमुला की आत्महत्या: सामंतशाही का नया संस्करण घनश्याम भारतीय ,  Jan 29, 2016
क्या रोहित वेमुला की आत्महत्या के नेपथ्य में सामंतशाही का नया संस्करण ही है. गुणवत्ता परक उच्च शिक्षा के लिए प्रसिद्ध हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोधछात्र रोहित वेमुला की मौत के बाद उत्पन्न सियासी परिस्थितियां अपने आप में किसी सवाल से कम नहीं हैं. पहले उसे दलित फिर ओबीसी और अब आतंकवाद का समर्थक बताने वाले लोग यह नहीं बताते कि वह भेदभाव की खाई को बढ़ाने वाले मनुवाद का विरोधी भी था. ....  लेख पढ़ें
वैज्ञानिक शिक्षा, संचार में पड़ोसी देशों की सहायता कर रहा भारत जनता जनार्दन डेस्क ,  Nov 24, 2015
भारतीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) के आगामी महीनों के एजेंडे में पड़ोसी देशों की मदद के लिए मॉरीशस में एक तारामंडल (प्लेनेटोरियम) की स्थापना, नेपाल में मौलिक विज्ञान शिक्षा को सदृढ़ करना और बांग्लादेश के विज्ञान संग्रहालय में सुधार करना जैसे कई काम शामिल हैं। इतना ही नहीं केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तहत काम करने वाला एनसीएसएम ऑनलाइन विज्ञान संचार और देश के विज्ञान शिक्षकों को संवारने के लिए एक बड़ा प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहा है। ....  लेख पढ़ें
मध्य प्रदेश में 60 फीसदी जनजाति आबादी अशिक्षित जनता जनार्दन डेस्क ,  Aug 31, 2015
मध्य प्रदेश की सरकार भले ही अनुसूचित जनजातीय वर्ग के कल्याण और उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चलाने का दावा करे, मगर आकड़ों की हकीकत कुछ और ही बयां करती हैं।आकड़े बताते हैं कि राज्य के जनजातीय वर्ग की लगभग 60 फीसदी आबादी अशिक्षित है। जनसंख्या 2011 के आकड़ों पर गौर करें तो पता चलता है कि राज्य की कुल आबादी सात करोड़ 26 लाख है। ....  लेख पढ़ें
ग्रामीण भारत में 8.6 करोड़ लोग निरक्षर जनता जनार्दन डेस्क ,  Jul 07, 2015
ग्रामीण भारत के लगभग 8.6 करोड़ लोग निरक्षर हैं। 2011 के जनगणना के आंकड़ों से यह जानकारी प्राप्त हुई है। सामाजिक आर्थिक एवं जाति जनगणना (एसईसीसी) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों से पता चला है कि 2011 में ग्रामीण क्षेत्रों में 31.57 करोड़ लोग निरक्षर थे।यह विश्व में किसी देश में निरक्षर लोगों की सबसे बड़ी संख्या है। ग्रामीण भारत में इंडोनेशिया की आबादी के मुकाबले अधिक निरक्षर लोग हैं। इंडोनेशिया विश्व का चौथा सबसे अधिक आबादी वाला देश है। ....  लेख पढ़ें
स्कूलों में गरीब बच्चों की संख्या बढ़ी, 30 फीसदी कुपोषित सौम्या तिवारी ,  May 22, 2015
प्राथमिक स्कूलों में 2013 तक 12 वर्ष तक के 97 फीसदी बच्चों का दाखिला हो चुका है। इस उम्र समूह के एक तिहाई बच्चों में कुपोषण के संकेत दिखते हैं, जो गरीब और उपेक्षित समुदाय तथा गांवों में अधिक है। 19 वर्ष की उम्र तक 49 फीसदी बच्चे स्कूलों में बचे रह गए, जिनमें से नौ फीसदी बच्चों की माध्यमिक शिक्षा पूरी नहीं हो पाई, आठ फीसदी पेशेवर या उच्च-माध्यमिक स्कूलों में चले गए और एक तिहाई ही महाविद्यालय में पहुंच पाए। ....  लेख पढ़ें
नालंदा के बाद लौटेगा विक्रमशिला का गौरव! जनता जनार्दन डेस्क ,  Sep 14, 2014
शिक्षा जगत में प्राचीन काल में अपनी वैश्विक पहचान रखने वाले नालंदा विश्वविद्यालय को एक बार फिर जीवंत करने में मिली सफलता के बाद बिहार सरकार ने राज्य में ही अस्तित्व में रहे विक्रमशिला विश्वविद्यालय को भी यथार्थ में लौटाने की कोशिश शुरू कर दी है। विक्रमशिला विश्वविद्यालय के भग्नावशेष राज्य के भागलपुर जिले में हैं। ....  लेख पढ़ें
वैश्विक नेतृत्व की दौर में भारत: राष्ट्रपति जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 11, 2014
यह मेरे लिए विशेष प्रसन्‍नता की बात है कि मैं भारतीय सांख्यिकी संस्‍थान, कोलकाता के 48वें दीक्षांत समारोह में भाग ले रहा हूं। यह संस्‍थान प्राकृतिक विज्ञानों और सामाजिक विज्ञानों में अनुसंधान, शिक्षण और सांख्यिकी आंकड़ों के उपयोग करने वाली देश की एक प्रमुख संस्‍था है।इस महत्‍वपूर्ण संस्‍था की स्‍थापना प्रो0 पी सी महालानोबिस ने की थी जो व्‍यावहारिक सांख्यिकी में महत्‍वपूर्ण कार्य करने के लिए जाने जाते थे। उन्‍होंने आर्थिक विकास का एक मॉडल भी तैयार किया था, जिसे भारत की दूसरी पंचवर्षीय योजना में अपनाया गया। 1920 के दशक में प्रो0 महालानोबिस का दृष्टिकोण था कि सांख्यिकी एक आधुनिक समाज के निर्माण में सक्षम है। उन्‍होंने सही कहा था कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी की उन्‍नति के लिए सांख्यिकी एक मुख्‍य औजार है। ....  लेख पढ़ें
समाज के शिल्पकार है शिक्षक प्रीती कुमारी ,  Sep 05, 2013
यह समाज एक बड़े परिवार की तरह है जहां कई धर्म और जाति के लोग एक साथ मिलकर रहते हैं. लेकिन समाज को समाज बनाने का काम करते हैं समाज के शिल्पकार यानि शिक्षक। शिक्षक समाज के ऐसे शिल्पकार होते हैं जो बिना किसी मोह के इस समाज को सजाते हैं। शिक्षकों की महत्ता को सही स्थान दिलाने के लिए ही हमारे देश में सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने पुरजोर कोशिशें की जो खुद एक बेहतरीन शिक्षक थे। ....  लेख पढ़ें
झुग्गियों के बच्चों के लिए अब चलती-फिरती कक्षा जनता जनार्दन संवाददाता ,  Aug 13, 2012
तेरह साल के राजा कुमार ने सपने में भी नहीं सोचा था कि वह कभी स्कूल जाएगा। वह जीने के लिए कचरा बीनता है और दूसरी गली के बच्चों के साथ खेलता है। उसने आज एक सरकारी स्कूल में दाखिला लिया, जिसका चलता-फिरता शिक्षण केंद्र है। ....  लेख पढ़ें
वोट दें

क्या विजातीय प्रेम विवाहों को लेकर टीवी पर तमाशा बनाना उचित है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल