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युवा वर्ग
बचपन, सेक्स और सेक्सटिंग जनता जनार्दन संवाददाता ,  Mar 21, 2011
शहरों में रहने वाले स्कूली बच्चे अपने जीवन में किसी तरह की दखलंदाजी नहीं चाहते हैं। आज की टीनएजर पीढ़ी ने अपनी बातचीत के लिए कोडवर्ड्स का ऐसा संसार रच लिया है कि उनके पास बैठे मां-बाप को खबर तक नहीं लगती कि आखिर फोन पर उनका नादान बेटा या बेटी किससे बातें कर रहे हैं और क्या बातें कर रहे हैं। मां-बाप को इस बात की भनक तक नहीं लगती कि दूसरे कमरे में बैठा उनका लाडला लैपटॉप पर पोर्न साइट्स देख रहा है। ....  लेख पढ़ें
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