अन्य
धुम्रपान दुनिया भर में दिल की बीमारियों की दूसरी सबसे बड़ी वजह है जनता जनार्दन डेस्क ,  May 31, 2018
तंबाकू का धुंआ आपके शरीर के साथ क्या कर सकता है, आप इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. आज पूरी दुनिया विश्व तंबाकू निषेध दिवस मना रही है और लोग इससे दूर रहने की जगह-जगह नसीहत दे रहे हैं, क्योंकि तंबाकू बीमारियों की जड़ है. ....  लेख पढ़ें
निपाह वायरस का खतराः डरें नहीं, साफसफाई की आदत अपना लें प्रभुनाथ शुक्ल ,  May 28, 2018
निपाह वायरस के खतरे को लेकर पूरा देश दहशत में है. इसकी वजह है कि हम जमींनी स्तर पर संक्रमित बीमारियों से निपटने के लिए कोई दीर्घकालिक समाधान नहीं ढूंढते हैं। सिर्फ बयानबाजी से काम चलाने की आदत पालते हैं। ....  लेख पढ़ें
कल्पाक्कम! जहां प्रकृति के साथ हंसता है 'परम अणु' भी जय प्रकाश पाण्डेय ,  May 21, 2018
कल्पाक्कम में लगता है समुद्र और धरती ने जैसे आपस में तालमेल कर यह जगह वैज्ञानिकों को सौंपी है. प्रकृति और विज्ञान यहां सहोदर हैं. दोनों एक साथ जगते, अंगड़ाइयां लेते और खिलखिलाकर हंसते हैं, अपनी उर्जा से भरपूर. प्रकृति जहां यह नैसर्गिक रूप में करती है, वहीं विज्ञान हमारे कर्मठ वैज्ञानिकों के ज्ञान और शोध से जगता है. ....  लेख पढ़ें
विश्व पृथ्वी दिवस : हमें पेड़ लगाने ही होगें,हम स्वार्थी इंसानों के पास और कोई विकल्प नहीं  आकांक्षा सक्सेना ,  Apr 22, 2018
हमने जबसे याद सम्भालीं है तब से यही सुनते चले आ रहे हैं कि पृथ्वी हमारी माता है और सुबह जागते ही पृथ्वी पर पांव रखने से पहले पृथ्वी माता के पांव छूओ। यह हैं हमारे भारतीय संस्कृति और संस्कार पर कहते हैं न पूर्वजों की कहीं बातें सिर्फ हमने सुनी और लिखीं पर अफसोस! अमल में न ला सके। आज हमारी महत्वाकांक्षायें अंतरिक्ष के साथ-साथ पृथ्वी माँ का भी कलेजा चीरती हुई दिखाई पड़ती है कि आज जंगल न के बराबर बचे हैं। एक समय था हर भारतीय चंदन लगाता था पर आज चंदन की लकड़ी के दर्शन दुर्लभ हैं ....  लेख पढ़ें
डायबिटीज एक नहीं पांच अलग-अलग रोग है, जिसके लिए इंसुलिन जरूरी नहीं जनता जनार्दन डेस्क ,  Mar 03, 2018
डायबिटीज को लेकर दुनियाभर में शोध जारी है. योरोप में हुए नए शोध के मुताबिक डायबिटीज केवल एक रोग नहीं, बल्कि कई रोगों का मिला-जुला रूप है. इसी तरह डायबिटीज के इलाज के मामले में भारतीय डॉक्टरों ने भी एक महत्वपूर्ण खोज की है, जिसकी दुनियाभर में चर्चा है. ....  लेख पढ़ें
नारियलः रखे आपको चुस्तदुरुस्त, चमकाए त्वचा और हों घने-लंबे बाल जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jan 02, 2018
नारियल एक बहुत ही उपयोगी और महत्त्वपूर्ण फल है. यह जितनी ऊँचाई पर लगता है, उतने ही अधिक इसके गुण भी है. नारियल का उपयोग फल के रूप में, तेल के रूप में, नारियल दूध में और कई प्रकर के व्यंजन बनाने में किया जाता है. साथ ही साथ पूजन आदि कार्य में भी इसका महत्त्व है. बिना श्रीफल (नारियल) के कलश नहीं रखा जाता. समारोह में व्यक्ति के सम्मान में भी श्रीफल देने का महत्त्व हैं. ....  लेख पढ़ें
ईसा मसीह और सांता क्लॉज का क्रिसमस से संबंध जनता जनार्दन संवाददाता ,  Dec 25, 2017
25 दिसंबर को ईसाई समुदाय के लोग यीशू मसीह के जन्मदिवस के रूप में मनाते हैं. पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि इस दिन ईसा मसीह का का जन्म नहीं हुआ था. बताते हैं कि उनका जन्म अक्टूबर में हुआ था, लेकिन फिर भी चौथी शताब्दी के बाद ईसा मसीह का जन्मदिन मनाने के लिए इस दिन को चुना गया. ....  लेख पढ़ें
घर में लगाएं ये लाभकारी पौधेः इनसे बचता है पर्यावरण, बनता है स्वास्थ्य, आती है समृद्धि श्वेता झा ,  Nov 30, 2017
हम सबको इसके लिए अपनी दिनचर्या में कुछ अहम बदलाव लाने होंगे. अब तक मैं, आप, हम सभी ने कई अवसरों पर अपने दोस्तों, रिश्तेदारों को बहुत से तोहफे दिए होंगे, बहुत से लिए भी होंगे, पर क्यों ना हम सब अब प्रण लें आने वाले समय में एक दूसरे को पेड़ पौधें गिफ्ट करें और एक कदम स्वच्छ हवा की ओर बढ़ाएं. ....  लेख पढ़ें
मधुमेह: जानें कारण, लक्षण, सावधानी और बचाव के उपाय जनता जनार्दन संवाददाता ,  Nov 14, 2017
उचित व्यायाम, आहार और शरीर के वजन पर नियन्त्रण बनाए रखकर मधुमेह को नियन्त्रित रखा जा सकता है। अगर मधुमेह पर ठीक से नियन्त्रण न रखा जाए तो मरीज में दिल, गुर्दे, आंखें, पैर एवं तंत्रिका संबंधी कई तरह की बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। मधुमेह मेटाबोलिक बीमारियों का एक समूह है, जिसमें व्यक्ति के खून में ग्लूकोज (ब्लड शुगर) का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। ....  लेख पढ़ें
सोनपुर मेलाः बिहार के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक जनता जनार्दन संवाददाता ,  Nov 02, 2017
मोक्षदायिनी गंगा और गंडक नदी के संगम और बिहार के सारण और वैशाली जिले के सीमा पर ऐतिहासिक, धार्मिक और पौराणिक महत्व वाले सोनपुर क्षेत्र में लगने वाला सोनपुर मेला बिहार के गौरवशाली इतिहास का प्रतीक है। प्रत्येक वर्ष कार्तिक महीने से प्रारंभ होकर एक महीने तक चलने वाले इस प्रसिद्ध मेले का उद्घाटन हो गया। प्राचीनकाल से लगने वाले इस मेले का स्वरूप कलांतर में भले ही कुछ बदला हो, लेकिन इसकी महत्ता आज भी वही है। ....  लेख पढ़ें
वोट दें

क्या 2019 लोकसभा चुनाव में NDA पूर्ण बहुमत से सत्ता में आ सकती है?

हां
नहीं
बताना मुश्किल