संगीत
पाकिस्तान को संगीत लाएगा भारत के करीब: निजामी जनता जनार्दन डेस्क ,  Nov 16, 2014
संगीत किसी सरहद को नहीं मानता, यह तो रूठे को भी मना लेता है। इसमें वह जादू है जो दूरियां मिटाता है और बिछुड़ हुए लोगों को मिलाता है। यही वजह है कि तमाम विरोध के बावजूद फनकारों ने भारत और पाकिस्तान की सरहद को न कभी माना है और न मानेंगे। पाकिस्तानी कव्वाल अयाज निजामी को सौ फीसदी यकीन है कि संगीत ही दोनों पड़ोसी मुल्कों को करीब लाएगा। ....  लेख पढ़ें
अनु मलिक को बनना था पुलिस कमिश्नर जनता जनार्दन डेस्क ,  Nov 02, 2014
एक गर्म चाय की प्याली हो, ऊंची है बिल्डिंग और ये काली-काली आंखें जैसे गीत गाने वाले अनु मलिक आज भारतीय संगीत जगत का जाना-माना नाम हैं। बॉलीवुड हो या हॉलीवुड अनु मलिक से कोई अछूता नहीं है। उनका गाना "छम्मा-छम्मा" (चाइना गेट) अंग्रेजी फिल्म में भी इस्तेमाल किया गया है। बुलंदियों को छू चुके अनु की दिली इच्छा हालांकि पुलिस कमिश्नर बनने की थी। ....  लेख पढ़ें
जन्मदिन विशेष: मां को गाने सुनाती थीं नन्ही लता जनता जनार्दन डेस्क ,  Sep 28, 2014
भारतरत्न से सम्मानित भारत की 'स्वर कोकिला' लता मंगेशकर को बचपन से ही गाने का शौक था और संगीत में उनकी बेहद दिलचस्पी थी। लता ने एक बार बातचीत में बताया था कि जब वह चार-पांच साल की थीं तो किचन में खाना बनाती अपनी मां को स्टूल पर खड़े होकर गाने सुनाया करती थीं। तब तक उनके पिता को बेटी के गाने के शौक के बारे में पता नहीं था। ....  लेख पढ़ें
78 के हुए गुलजार, उनके लिखे सदाबहार नगमे जनता जनार्दन डेस्क ,  Aug 18, 2014
मुंबई के एक गराज में मोटर मैकेनिक का काम करने वाले उस लड़के ने जब लिखना शुरू किया तो उसकी आवाज में भारीपन था या नहीं, यकीन से नहीं कहा जा सकता। लेकिन उसके शब्दों में शोखी भरपूर थी। तभी संपूरण सिंह कालरा पहले 'गुलजार दीनवी' हुए, फिर बॉलीवुड की आंखों का नूर होकर 'गुलजार साहब' हो गए। आपके पसंदीदा नगमों के गीतकार शब्दों के जादूगर गुलजार का आज जन्मदिन है। वह 78 साल के हो गए हैं। ....  लेख पढ़ें
भारतीय संगीत व सद्भाव के अग्रदूत अमजद अली खान जनता जनार्दन डेस्क ,  Oct 08, 2013
12 वर्ष की अल्पायु में अपनी पहली संगीत प्रस्तुति देकर उस्ताद संगीतज्ञों को मंत्रमुग्ध कर देने वाले सरोद सम्राट अमजद अली खान का 9 अक्टूबर को (बुधवार) 68वां जन्मदिवस है। खान वर्तमान भारत के वास्तविक सद्भावना दूत हैं, यही कारण है कि महात्मा गांधी की 144वीं जयंती पर जब संयुक्त राष्ट्र की विशेष सभा में राष्ट्रपिता को संगीत से श्रद्धांजलि देने की बारी आई तो इस कार्य के लिए अमजद अली खान को चुना गया। ....  लेख पढ़ें
लता मंगेशकर: जिनकी पहचान आवाज़ ही है... जनता जनार्दन डेस्क ,  Sep 27, 2013
भारत रत्न से विभूषित भारत की 'स्वर कोकिला' लता मंगेशकर का गाया गीत 'नाम गुम जाएगा चेहरा ये बदल जाएगा, मेरी आवाज ही पहचान है गर याद रहे' वास्तव में उनके व्यक्तित्व, कला और अद्वितीय प्रतिभा का परिचायक है।28 सितंबर को लता जी अपने जीवन के 84 साल पूरे कर रही हैं। उन्होंने फिल्मों में पाश्र्वगायन के अलावा गैर फिल्मी गीत भी गाए हैं।मध्य प्रदेश के इंदौर में 28 सितंबर 1929 को जन्मीं कुमारी लता दीनानाथ मंगेशकर रंगमंचीय गायक दीनानाथ मंगेशकर और सुधामती की पुत्री हैं। चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी लता को उनके पिता ने पांच साल की उम्र से ही संगीत की तालीम दिलवानी शुरू की थी।बहनों आशा, उषा और मीना के साथ संगीत की शिक्षा ग्रहण करने के साथ साथ लता बचपन से ही रंगमंच के क्षेत्र में भी सक्रिय थीं। जब लता सात साल की थीं, तब उनका परिवार मुंबई आ गया, इसलिए उनकी परवरिश मुंबई में हुई। ....  लेख पढ़ें
'महिलाओं का संगीतकार होना कोई नई बात नहीं' जनता जनार्दन संवाददाता ,  Feb 10, 2013
भारत में एक ओर कश्मीर की लड़कियों के संगीत बैंड पर फतवा जारी कर दिया गया वहीं मुस्लिम बहुल राष्ट्रों ईरान, ट्यूनिशिया और अजरबैजान की महिला संगीतकार बिना किसी हिचकिचाहट के संगीत कार्यक्रमों में हिस्सा लेती हैं। ट्यूनिशिया के सूफी संगीत बैंड 'मेक्के ट एनसेम्बल' के सूफी गायक स्लिम बाक्कोच ने बताया, ....  लेख पढ़ें
भारतीय धुनों पर थिरकती अमेरिकी खूबसूरती जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jul 07, 2012
यूं तो वह अमेरिकी हैं लेकिन उनका दिल हिंदुस्तान का हो गया है। जब भारतीय धुनों पर उनके कदम थिरक उठते हैं तो वह किसी भारतीय से कम नहीं लगतीं। प्रख्यात गायिका लेडी गागा के साथ 2011 में भारत में प्रस्तुति दे चुकीं समकालीन भारतीय फ्यूजन डांस समूह 'नाट्य नेक्टर' की संस्थापक गौरा प्रेमा कहती हैं कि वह भारत व पश्चिम के बीच ....  लेख पढ़ें
आज भी युवा दिलों पर राज करते हैं पंचम दा जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 27, 2012
कहते हैं कि जब आरडी बर्मन का जन्म हुआ था, तब अभिनेता अशोक कुमार ने देखा कि नवजात राहुल देव बर्मन बार-बार सरगम का पाचवा स्वर 'पा' दोहरा रहे हैं, तभी उन्होंने उनका नाम 'पंचम' रख दिया। आज भी अधिकतर लोग उन्हें पंचम दा के नाम से ही जानते हैं। पंचम दा के नाम से मशहूर संगीतकार राहुल देव बर्मन का आज 73वा जन्मदिन है। ....  लेख पढ़ें
गजलों में जिंदा रहेंगे हसन.. जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jun 13, 2012
जिंदगी में तो सभी प्यार किया करते हैं, मैं तो मरकर भी मेरी जान तुम्हें चाहूंगा। कुछ ऐसा ही था मेहदी हसन का अंदाज व गजल के प्रति उनका प्यार। गजल गायिकी के धुरंधर को अब उनके चाहने वाले भले ही लाइव ना सुन पाएं, लेकिन उनकी आवाज उनकी गाई गजलों के माध्यम से हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। ....  लेख पढ़ें
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