प्रकृति
सूखे के कारण प्रवासी पक्षियों ने तेलंगाना से मुंह मोड़ा मोहम्मद शफीक ,  May 16, 2016
बीते दो साल से जारी जबरदस्त सूखे के कारण बहुत कम संख्या में प्रवासी पक्षियों ने तेलंगाना का रुख किया है. ऐसे में जबकि हैदराबाद की अधिकांश झीलें सूखने के कगार पर हैं, प्रवासी पक्षियो ने उन झीलों का रुख किया है, जहां अभी भी पानी मौजूद है. ....  लेख पढ़ें
वर्ष 2025 तक भयंकर जल संकट वाला देश बन जाएगा भारत जनता जनार्दन डेस्क ,  Apr 17, 2016
देश के अलग-अलग हिस्सों की प्यास से जुड़ी तस्वीरें दिखाने के बाद, अब हम पानी से संबंधित कुछ चिंताजनक आंकड़े आपके सामने रखना चाहते हैं। ये वो आंकड़े हैं जो आपको ना तो कहीं देखने को मिलेंगे और ना ही कोई आपको पानी की गंभीर स्थिति के बारे में बताएगा। एवरीथिंग अबाउट वॉटर नाम की कंसल्टिंग फर्म की रिपोर्ट के मुताबिक भारत, वर्ष 2025 तक भयंकर जल संकट वाला देश बन जाएगा।। ....  लेख पढ़ें
विश्व जल दिवस 2016: तो क्या अगला विश्वयुद्ध पानी के लिए होगा? जनता जनार्दन डेस्क ,  Mar 23, 2016
दुनिया में जिस तरह से पानी को लेकर संकट उससे लगता है तेल के समान उसको लेकर भी युद्ध होगा. जल के बिना जीवन की कल्पना असंभव है, लेकिन इसकी कमी के बीच जीवन कितना कष्टकर होगा ये उससे भी बड़ी जीवंत विडंबना है. देश के कई हिस्सों में अभी से जबरदस्त जल संकट गहरा गया है. ....  लेख पढ़ें
भारत के पास जलवायु परिवर्तन की समस्या का समाधान! जनता जनार्दन डेस्क ,  Jan 02, 2016
भारत के पास एक ऐसी भूगर्भीय सुविधा है जिससे वह दुनिया की जलवायु परिवर्तन की समस्या का प्राकृतिक समाधान कर सकता है, ऐसा कुछ भूवैज्ञानिकों का मानना है।वैज्ञानिकों को काफी सालों से यह जानकारी है कि जीवाश्म ईंधन के जलाने से कार्बन डाइआक्साइड पैदा होता है जिससे धरती का तापमान बढ़ता है। ....  लेख पढ़ें
जलवायु परिवर्तन पर कानून के इंतजार में देश जनता जनार्दन डेस्क ,  Dec 29, 2015
देश में प्रदूषण का बढ़ता स्तर, असमय बाढ़ व बार-बार भूकंप के झटके पर्यावरण में हुए खतरनाक परिवर्तन के संकेत हैं, जिन्हें नियंत्रित करने के लिए भारत आज भी जलवायु परिवर्तन को लेकर सही कानून की बाट जोह रहा है।पर्यावरण हालात की बात करें, तो यह साल भारत के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा है। साल की शुरुआत ही विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा दिल्ली को दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर के तमगे के साथ हुई। पिछले साल भी यह सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में शीर्ष पर था, जिसने चीन के शहर बीजिंग की जगह ली। ....  लेख पढ़ें
गंगा निर्मलीकरण: 30 साल में कई कोशिशें जनता जनार्दन डेस्क ,  Aug 11, 2015
मौजूदा राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार द्वारा गंगा निर्मलीकरण योजना पर पेश किए गए दावों की जांच करने पर पता चला कि गंगा की स्वच्छता के लिए अवजल प्रसंस्करण निर्माण की बड़ी-बड़ी योजनाओं पर पहले भी काम हो चुका है। कई योजनाएं विफल रही हैं। ....  लेख पढ़ें
11 साल का मिशन पूरा कर क्रैश हुआ नासा का रोबोटिक स्पेसक्राफ्ट जनता जनार्दन डेस्क ,  May 01, 2015
मानव रहित नासा का अंतरिक्ष यान अपना 11 साल का मिशन पूरा करने और ईंधन खत्म हो जाने के बाद बुध ग्रह की सतह पर आकर क्रैश हो गया। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने गुरुवार को ये जानकारी दी। जानकारी के मुताबिक, रोबोटिक स्पेसक्राफ्ट मैसेंजर का ईंधन खत्म हो चुका था। यह मर्करी के धरातल पर 8750 माइल प्रति घंटे (3.91 किमी प्रति सेकंड) की रफ्तार से क्रैश हुआ। ....  लेख पढ़ें
पृथ्वी दिवस: भविष्य की रक्षा, वर्तमान के संकल्प से जनता जनार्दन डेस्क ,  Apr 22, 2015
पर्यावरण के साथ हमारा शाश्वत रिश्ता रहा है। जीवन और पर्यावरण एक-दूसरे के पूरक हैं। पर्यावरण के बगैर जीवन असम्भव है। शुद्ध पानी, पृथ्वी, हवा हमारे स्वस्थ जीवन की प्राथमिक शर्तें हैं। सहअस्तित्व का ऐसा उदाहरण दूसरा कोई नहीं है, लेकिन अफसोस कि आज दोनों का अस्तित्व संकट में है। यह संकट हमारे बीच के रिश्तों में आए असंतुलन का कुपरिणाम है और इसी कारण आज हमें पृथ्वी दिवस और पर्यावरण दिवस जैसे अंतर्राष्ट्रीय त्योहारों को मनाने की जरूरत आ पड़ी है ....  लेख पढ़ें
बेकार मीठा या नमकीन भोजन से पक्षियों को खतरा जनता जनार्दन डेस्क ,  Apr 11, 2014
बचे-खुचे बेकार भोज्य पदार्थ खिलाए जाने से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंच रहा है, क्योंकि विशेषज्ञों के मुताबिक ये भोज्य पदार्थ इन पक्षियों के खान-पान की आदतों का हिस्सा नहीं होते हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पक्षियों की 500 प्रजातियां पाई जाती हैं। यह समस्या दिल्ली के प्रसिद्ध 15वीं सदी के लोधी गार्डन में स्पष्ट रूप से दिखाई पड़ती है। ....  लेख पढ़ें
'ग्लेशियरों के पिघलने से नहीं सूखेगी गंगा' जनता जनार्दन डेस्क ,  Aug 06, 2013
वैश्विक तापमान बढ़ने के कारण हिमालय के ग्लेशियर पिघल जाने के बावजूद गंगा और सिंधु जैसी हिमालयी नदियों के जलस्तर में अगली सदी में कोई कमी नहीं आएगी क्योंकि मॉनसून की बढ़ती बारिश से इसकी भरपाई होगी। यह दावा वैज्ञानिकों ने एक रिपोर्ट में किया है। ....  लेख पढ़ें
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