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विधि एवं न्याय
प्रेस की अधूरी आजादी आशुतोष ,  Sep 17, 2012
चारों बातों का रिश्ता अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से है। तीन भारत की हैं, चौथी अमेरिका की। भारत में भी लोकतंत्र है और अमेरिका में भी, लेकिन दोनों में फर्क है। इस्लाम पर भारत में फिल्म बनी होती, तो अब तक इसके निर्माता-निर्देशक जेल में होते। यह फर्क क्यों है? सुप्रीम कोर्ट ने कुछ दिन पहले अपने फैसले में इस ओर इशारा किया है। ....  लेख पढ़ें
दो फैसले और सुलगते सवाल जनता जनार्दन संवाददाता ,  Feb 09, 2012
दो फैसले। एक फैसला सरकार के पक्ष में और दूसरे ने सरकार का नूर फीका कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने 2-जी स्पेक्ट्रम आबंटन मामले में सभी 122 लाइसेंस रद्द कर दिए और ट्रायल कोर्ट ने गृह मंत्री पी चिदंबरम को साफ बरी कर दिया, उन्हें जेल में बंद पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा के साथ सह-आरोपी बनाने से मना कर दिया। दोनों ही फैसले अहम हैं। अगर चिदंबरम को क्लीन चिट नहीं मिलती, तो सरकार के लिए सत्ता में बने रहना मुश्किल हो जाता और चिदंबरम का अपने पद पर टिकना नामुमकिन। ....  लेख पढ़ें
कोर्ट में पेश हुए डेढ़ लाख पन्नों का चालान! जनता जनार्दन संवाददाता ,  Dec 29, 2011
अमूमन न्यायालय तक कुछ सौ पन्नों के ही चालन पहुंचते हैं मगर मध्य प्रदेश के इंदौर में बुधवार को पेश किया गया चालान डेढ लाख पन्नों का था, जिसे लोडर में रखकर न्यायालय तक ले जाना पड़ा। ....  लेख पढ़ें
 कनिमोझी का दर्द छिप न सका जनता जनार्दन संवाददाता ,  Nov 04, 2011
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत में जैसे ही न्यायाधीश ओ. पी. सैनी ने गुरुवार को 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की आरोपी कनिमोझी और सात अन्य की जमानत याचिका ठुकराई कई लोगों की आंखों में आंसू आ गए। ....  लेख पढ़ें
हमारे राष्ट्रपति अपराधियों के लिए कुछ ज़्यादा ही दयावान जनता जनार्दन संवाददाता ,  Jul 04, 2011
वह देश की सांविधानिक प्रमुख और प्रथम नागरिक हैं. इस देश का समूचा शासन उनके नाम पर चलता है. इसीलिए वे ' राष्ट्रपति ' कहलाते हैं. पर हमारे राष्ट्रपतियों के दिल में खांटी अपराधियों और मौत की सज़ा पाए कैदियों के लिए कुछ ज़्यादा ही हमदर्दी है, कम से कम उनके यहां लंबित दया याचिकाओं को तो देख कर यही लगता है. मृत्युदंड की कतार में खड़े 17 व्यक्तियों की दया याचिकाएं राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील के समक्ष लम्बित पड़ी हुई हैं। ....  लेख पढ़ें
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